हजारीबाग में दीवार ढही तो निकला पूर्वजों का खजाना! चांदी के सिक्कों से भरा घड़ा देख दंग रह गए ग्रामीण

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। टाटीझरिया प्रखंड के अमनारी गांव में लगातार हो रही बारिश के बीच एक पुराने संयुक्त परिवार के मिट्टी के मकान की दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। लेकिन मलबा हटाने के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को हैरान कर दिया। दीवार के भीतर वर्षों से चुनवाकर रखा गया मिट्टी का एक बड़ा गगरा (घड़ा) नीचे गिरकर टूट गया और उसमें भरे चांदी के सिक्के पूरे आंगन में बिखर गए।
घटना की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते आसपास के कई गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। हर कोई अपनी आंखों से उस रहस्यमयी खजाने को देखने के लिए उत्सुक नजर आया। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इतने वर्षों तक दीवार के भीतर यह घड़ा कैसे सुरक्षित रहा और इसमें कितने पुराने सिक्के रखे गए थे।
जानकारी के अनुसार यह पुराना मिट्टी का मकान अमनारी गांव के रामचंद्र महतो, सुरेश महतो, संतोष प्रसाद (पिता-बढ़न महतो), बुधन महतो, बालेश्वर महतो तथा नंदु महतो (पिता-बैजु महतो) के संयुक्त परिवार का है। लगातार बारिश के कारण मकान की एक दीवार कमजोर होकर अचानक ढह गई। जब परिवार के सदस्य मलबा हटाने लगे तो दीवार के भीतर छिपाकर रखा गया मिट्टी का गगरा नीचे गिरा और टूट गया। इसके टूटते ही उसमें रखे चांदी के सिक्के चारों ओर बिखर गए।
परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने सिक्कों या घड़े के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की है। समाचार लिखे जाने तक सिक्के और मलबा उसी स्थिति में पड़े थे, जिस स्थिति में दीवार गिरने के बाद मिले थे। पूरे परिवार के लिए यह घटना किसी रहस्य से कम नहीं है।
ग्रामीणों का मानना है कि यह घड़ा उनके पूर्वजों द्वारा कई दशक पहले सुरक्षित रखा गया होगा। पुराने समय में जब बैंकिंग व्यवस्था गांवों तक नहीं पहुंची थी और चोरी-डकैती का खतरा बना रहता था, तब लोग अपनी बहुमूल्य संपत्ति, चांदी के सिक्के और आभूषण मिट्टी के बर्तनों में रखकर घर की दीवारों या जमीन के भीतर छिपा दिया करते थे। माना जा रहा है कि यह गगरा भी उसी परंपरा का हिस्सा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सिक्के कितने पुराने हैं, उनकी कुल संख्या कितनी है और उनका ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व क्या है। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई इसे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर बता रहा है तो कोई इसे ऐतिहासिक खोज मान रहा है। अमनारी गांव में फिलहाल यह घटना लोगों के आकर्षण और जिज्ञासा का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। यदि सिक्कों की जांच कराई जाती है तो उनके इतिहास और वास्तविक मूल्य से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

