पलामू हत्याकांड: ढोंगी भगत के इशारे पर कत्ल, चाचा-चाची समेत 5 आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए

पलामू।झारखण्ड के पलामू जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र स्थित लकड़ही टोला में बुधवार की रात इंसानियत और रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। महज एक भगत (तांत्रिक) के बहकावे में आकर अपनों ने ही अपने खून का सौदा कर लिया और चनका रजवार नाम के युवक की टांगी (कुल्हाड़ी) से काटकर बेदर्दी से हत्या कर दी।
खूनी रंजिश की यह खौफनाक पटकथा बीते 2 जुलाई को लिखी जानी शुरू हुई थी, जब प्रभु रजवार की 8 साल की मासूम बेटी की असमय मौत हो गई। बेटी के गम में डूबा परिवार डॉक्टरों से ज्यादा तांत्रिकों के चक्कर लगाने लगा। प्रभु रजवार जब झाड़-फूंक और ‘देवास’ कराने एक भगत के पास पहुंचा, तो उस ढोंगी ने सांत्वना देने के बजाय नफरत का ऐसा बीज बोया जिसने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। भगत ने दावा किया कि मासूम की मौत कोई प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि पड़ोसी ललिता देवी और चनका रजवार की पत्नी दुर्गा देवी के ‘टोन-टोटके’ का नतीजा है।
भगत के इस दावे ने प्रभु रजवार के दिमाग में जहर घोल दिया। बुधवार की रात इसी अंधविश्वास की आग में झुलसकर प्रभु रजवार अपने परिजनों के साथ चनका रजवार के घर जा धमका। देखते ही देखते जुबानी जंग ने खूनी मोड़ ले लिया। अंधविश्वास के अंधियारे में अंधे हो चुके चाचा, चाची और चचेरे भाइयों ने एकजुट होकर चनका के परिवार पर हमला बोल दिया।
धारदार टांगी के ताबड़तोड़ वार से चनका रजवार को मौत के घाट उतार दिया गया, जबकि पति को बचाने आई पत्नी दुर्गा देवी भी इस हमले में लहूलुहान होकर जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल के निर्देशन में पांडु इंस्पेक्टर रामाशीष पासवान, उंटारी रोड थाना प्रभारी संतोष कुमार गिरी और सब-इंस्पेक्टर राजवर्धन की टीम ने त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल सभी मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है:
प्रभु रजवार (मृतक का चाचा)
झुबली देवी (चाची)
विमलेश रजवार (चचेरा भाई)
गुड्डन रजवार और सीताराम रजवार (रिश्तेदार)
पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले में कड़ा कानूनी शिकंजा कसते हुए आगे की तफ्तीश जारी रखी है।

