गुमला: 15 वर्षीय छात्र का आत्मघाती कदम… बिजली के टॉवर पर लगाया फंदा, पुलिस और ग्रामीणों ने बचाई जान

गुमला। शुक्रवार की अलसुबह जब बोडोटोली बगीचे के आसपास की जिंदगी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ ही रही थी, तभी आसमान को छूते एक हाई-टेंशन बिजली के टॉवर पर कुछ ऐसा घटित हुआ जिसने हर देखने वाले की सांसें थाम दीं। मलगो बरटोली का रहने वाला 15 साल का नाबालिग छात्र मनीष उरांव, मौत के इतने करीब खड़ा था कि चंद सेकंड की देरी भी सब कुछ खत्म कर सकती थी। लेकिन किस्मत और गाँव वालों की तत्परता ने उस दिन मौत को मात दे दी।

​कहानी बीते गुरुवार की शाम से शुरू होती है, जब मनीष बिना किसी को कुछ बताए चुपचाप अपने घर से निकल गया था। वह भटकते हुए बोडोटोली गाँव की एक दुकान के पास पहुँचा। रात के अंधेरे में उसके एक दोस्त ने उसे देखा और यह सोचकर बगीचे के पास छोड़ दिया कि मनीष अब अपने घर लौट जाएगा। लेकिन मन में न जाने कौन सा तूफान उठ रहा था कि मनीष घर नहीं गया और पूरी रात उसी सन्नाटे में गुजार दी।

​अगली सुबह का सूरज ढलने से पहले ही मनीष ने एक खौफनाक फैसला ले लिया। वह बगीचे के पास मौजूद करीब 15 फीट ऊंचे बिजली के टॉवर पर चढ़ गया और अपने ही गमछे का फंदा बनाकर गले में डाल लिया।

​अभी फंदा कस ही रहा था कि पास मौजूद कुछ स्थानीय लोगों की नज़र उस पर पड़ गई। मंज़र डरावना था, लेकिन लोगों ने एक पल भी नहीं गंवाया। बिना अपनी जान की परवाह किए, कुछ ग्रामीण तुरंत टॉवर पर चढ़े और अचेत हो चुके मनीष को फंदे से मुक्त कराकर सुरक्षित नीचे उतार लाए।

​सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस भी मौके पर पहुँची और बिना समय गंवाए अचेत अवस्था में ही मनीष को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुँचाया। फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।

​15 साल के इस मासूम ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है, पर इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही समय पर दिखाई गई हिम्मत किसी की बुझती हुई जिंदगी की लौ को दोबारा रोशन कर सकती है।

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