चाची की रेकी, पति-भतीजे का झपट्टा… कोडरमा पुलिस ने कई राज्यों में सक्रिय गैंग को दबोचा…

 

कोडरमा।झारखण्ड के कोडरमा पुलिस ने चंदवारा थाना क्षेत्र के उरवां स्थित पेट्रोल पंप पर व्यवसायी से हुई हाईप्रोफाइल लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय लूट गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी और भतीजे की तिकड़ी को गिरफ्तार किया है, जो पूरे देश में बेहद शातिर अंदाज में लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी। सबसे बड़ी बात यह रही कि पुलिस ने लूटे गए शत-प्रतिशत सोने-चांदी के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक, मोबाइल फोन और गाड़ियों की डिक्की खोलने वाली विशेष ‘मास्टर-की’ भी बरामद कर ली है।

महिला करती थी रेकी, पति और भतीजा देते थे वारदात को अंजाम

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू दास (35), उसकी पत्नी टिंक्कल दास (32), दोनों निवासी भद्रक (ओडिशा), तथा राजू के भतीजे धनराज प्रधान (21), निवासी जाजपुर (ओडिशा) के रूप में हुई है।सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने बताया कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से अपराध करता था। गिरोह की महिला सदस्य टिंक्कल दास सामान बेचने के बहाने अलग-अलग इलाकों में घूमकर संभावित शिकार की रेकी करती थी। 6 जुलाई को वह ट्रेन से कोडरमा पहुंची और चंदवारा निवासी व्यवसायी अशोक सोनी को अपना टारगेट बनाया। रेकी पूरी होने के बाद उसने अपने पति राजू दास और भतीजे धनराज को ओडिशा से बुलाया।दोनों आरोपी पल्सर बाइक से कोडरमा पहुंचे और उरवां स्थित पेट्रोल पंप पर मौका मिलते ही अशोक सोनी की बाइक की डिक्की से आभूषणों से भरा बैग उड़ा लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए।

सीसीटीवी, तकनीकी जांच और वैज्ञानिक अनुसंधान ने खोला राज

घटना के बाद चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल  का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अपराधियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों का पता लगाया।जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ओडिशा के जाजपुर जिले में छिपे हुए हैं। इसके बाद कोडरमा पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए ओडिशा के कोराई थाना क्षेत्र में दबिश दी और राजू दास तथा धनराज प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कोडरमा रेलवे जंक्शन पर भागने की फिराक में मौजूद महिला आरोपी टिंक्कल दास को भी दबोच लिया।

दिल्ली-मुंबई पुलिस भी तलाश रही थी, लेकिन कोडरमा पुलिस ने मारी बाजी

एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से कई राज्यों में सक्रिय था। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की पुलिस भी इस गैंग की तलाश में ओडिशा तक छापेमारी कर चुकी थी, लेकिन मजबूत तकनीकी साक्ष्यों और सटीक रणनीति के दम पर कोडरमा पुलिस ने इस शातिर गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

मास्टर-की से मिनटों में खुल जाती थी गाड़ियों की डिक्की

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात के लिए विशेष रूप से तैयार टी-आकार की लोहे की ‘मास्टर-की’ का इस्तेमाल करते थे। इसी उपकरण की मदद से वे कुछ ही सेकंड में बाइक या अन्य वाहनों की डिक्की खोल देते थे और कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने इस विशेष मास्टर-की को भी बरामद कर लिया है।

भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सभी आभूषण बरामद कर लिए हैं। इनमें 16 जोड़ी पायल, 7 चेन, 11 बिछिया, 13 अंगूठियां, 4 बच्चों के कंगन, 3 चूड़ीनुमा कंगन, 28 विभिन्न प्रकार के ताबीज, 11 लॉकेट, 22 नाक के आभूषण, 4 नथिया तथा चांदी जैसे दिखने वाले अन्य आभूषण शामिल हैं।इसके अलावा घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, ज्वेलरी मापक यंत्र, आभूषणों से भरा बैग और डिक्की खोलने वाली विशेष मास्टर-की भी पुलिस ने जब्त कर ली है।

 

कोडरमा पुलिस की बड़ी सफलता

इस हाईप्रोफाइल लूटकांड का सफल खुलासा कर कोडरमा पुलिस ने न केवल पीड़ित व्यवसायी को राहत दिलाई, बल्कि एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया है, जो पति-पत्नी और भतीजे की तिकड़ी के रूप में देश के अलग-अलग राज्यों में रेकी कर लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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