जन्मदिन पर मौत: दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल ने पत्नी को बीच सड़क मारी गोली, CCTV में कैद हुई वारदात

 

डेस्क टीम/पूर्वी दिल्ली।जिस दिन परिवार में जन्मदिन की खुशियां होनी थीं, उसी रात एक महिला की जिंदगी खत्म हो गई। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी थाना क्षेत्र स्थित ईस्ट विनोद नगर में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल मनीष भाटी ने अपनी पत्नी प्रियंका (34) को बीच सड़क गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाने निकला… रास्ते में हुआ खूनी विवाद

जानकारी के अनुसार, रविवार प्रियंका का जन्मदिन था। देर रात करीब तीन बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके बाद मनीष उन्हें स्कूटी से अस्पताल ले जाने के लिए निकला। जब दोनों ईस्ट विनोद नगर में मेट्रो पिलर नंबर-90 के पास पहुंचे तो किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि मनीष ने सड़क पर ही पत्नी को गोली मार दी और मौके से स्कूटी लेकर फरार हो गया।

सड़क पर तड़पती रही महिला, डिलीवरी बॉय बना फरिश्ता

गोली लगने के बाद प्रियंका सड़क पर गंभीर हालत में पड़ी रहीं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक डिलीवरी बॉय की नजर उन पर पड़ी। उसने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत ऑटो की व्यवस्था की और प्रियंका को लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

घटना स्थल से कुछ दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में कथित तौर पर आरोपी कॉन्स्टेबल पत्नी पर गोली चलाता दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और सीसीटीवी फुटेज को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

शादी के बाद से ही प्रताड़ना का आरोप:
प्रियंका के पिता अजीत सिंह बैसोया, जो ग्रेटर नोएडा के सादोबाद गांव के रहने वाले हैं, ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में प्रियंका की शादी मूल रूप से ग्रेटर नोएडा के सलेमपुर गांव निवासी मनीष भाटी से हुई थी। शादी के अगले ही दिन से मनीष और उसके परिवार ने 50 लाख रुपये नकद और एक बड़ी एसयूवी की मांग शुरू कर दी थी।परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर प्रियंका के साथ लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती रही।

महिला अपराध शाखा तक पहुंचा था मामला
बताया गया कि वर्ष 2024 में प्रियंका ने दिल्ली पुलिस की महिला अपराध शाखा में प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद वह करीब आठ महीने तक मायके में रहीं। बाद में दोनों परिवारों के बीच पंचायत हुई, जिसके बाद समझौता कराया गया और प्रियंका दोबारा अपने पति के साथ ईस्ट विनोद नगर में रहने लगी थीं।

पुलिस और प्रशासनिक सेवा से जुड़ा है परिवार
प्रियंका का परिवार भी सरकारी सेवाओं से जुड़ा हुआ है। उनकी एक बहन दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं, जबकि एक भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। परिवार का एक अन्य सदस्य यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।

जांच जारी, आरोपी की तलाश
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी कॉन्स्टेबल की तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

 

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