रामगढ़: शिव शंकर ज्वेलर्स डकैती कांड का मुख्य साजिशकर्ता शमशेर आलम गिरफ्तार, इटली मेड पिस्टल और भारी मात्रा में सोना-चाँदी बरामद

​रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर (रजरप्पा मोड़, NH-23) स्थित ‘शिव शंकर ज्वेलर्स’ में हुई दुस्साहसिक डकैती मामले में रामगढ़ पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम ने इस पूरे कांड के मुख्य सह-साजिशकर्ता और कुख्यात अपराधी शमशेर आलम को धर दबोचा है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार, बिना नंबर की बाइक और भारी मात्रा में लूटे गए जेवर बरामद किए हैं।

​29 मुकदमों का ‘किंगपिन’ अब सलाखों के पीछे

​गिरफ्तार आरोपी शमशेर आलम (पिता: स्वर्गीय लतीफुल रहमान, निवासी: मनुआ फुलसराय, रामगढ़) कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ रामगढ़, कुज्जू, मांडू, गोला, राँची के पिठौरिया और कांके सहित विभिन्न थानों में डकैती और लूट के कुल 29 संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस शातिर अपराधी को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया।

​पुलिस ने शमशेर आलम के पास से और उसकी निशानदेही पर छिपाकर रखे गए निम्नलिखित सामान जब्त किए हैं ‘MADE IN ITALY AUTO PISTOL’ लिखा हुआ 7.65 mm का एक पिस्टल, दो खाली मैगजीन और दो जिंदा कारतूस और करीब 370 ग्राम वजनी सोने जैसे दिखने वाले 22 पीस आभूषण (जिसमें रानीहार सेट, कान की बालियां, कंगन, मंगलसूत्र और टूटे हुए हार शामिल है), करीब 160 ग्राम वजनी चाँदी जैसे दिखने वाले 9 पीस आभूषण (कंगन और बाला),बिना नंबर प्लेट की एक सफेद-नीले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन (मोटोरोला और रेडमी) और स्क्रू-ड्राइवर और रिंच।

​डकैती कांड की पूरी कहानी और अब तक का रिपोर्ट कार्ड

​बीती 21 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3:40 बजे शिव शंकर ज्वेलर्स में हथियारों के बल पर डकैती की इस बड़ी घटना को अंजाम दिया गया था, जिसके बाद रजरप्पा थाने में कांड संख्या 48/2026 दर्ज की गई थी। एसपी रामगढ़ के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी SIT इस मामले में लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थी।

​इस पूरे मामले में अब तक की कुल बड़ी सफलताएं:

24 अप्रैल 2026: घटना के तुरंत बाद पुलिस ने 07 आरोपियों को दबोचा था, जिनके पास से सोने के 123 आइटम, चाँदी के 72 आइटम, एक अर्टिगा कार (BR01JA-6449), अपाचे बाइक और लोडेड पिस्टल बरामद हुई थी। 10 मई 2026 को गुप्त सूचना पर 02 और आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनसे 1350 ग्राम चाँदी और 49 ग्राम सोने के जेवर मिले। ​16 जून 2026 को पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार छापेमारी के कारण इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र पासवान (निवासी: नालंदा, बिहार) कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पर मजबूर हो गया। 08 जुलाई 2026 को रिमांड पर लेकर हुई पूछताछ के बाद मास्टरमाइंड की निशानदेही पर 9 ग्राम सोना और 80 ग्राम चाँदी की चूड़ियाँ बरामद की गईं।कुल मिलाकर इस कांड में अब तक 10 अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 1 ने सरेंडर किया है। पुलिस ने अब तक कुल 565 ग्राम सोना, 3 किलोग्राम चाँदी, 2 पिस्टल, 5 कारतूस, 1 अर्टिगा कार, 1 स्कूटी और 3 बाइक जब्त कर पूरे गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया है।

​इस बेहद पेचीदा और बड़े मामले का पर्दाफाश करने वाली टीम में रजरप्पा थाना प्रभारी (पुलिस निरीक्षक) कृष्ण कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रोहित राज सिंह, संजय कुमार रजक, निरंजन कुमार सिंह, रंजीत कुमार महतो, मो० इकबाल, चालक हवलदार रोहित सिंह, आरक्षी नीरज कुमार भट्ट, फूलचंद महतो, संतोष कुमार सिंह, भानू रजक, राजकुमार पासवान और कुज्जू ओपी के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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