राजधानी राँची की सबसे बड़ी हाई-प्रोफाइल चोरी:फर्जी नंबर प्लेट ने खोला अंतरराज्यीय गैंग का राज…कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी…पुलिस की पकड़ से दूर शातिर चोर..

राँची। राजधानी के पॉश इलाके अशोक नगर में त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन के मालिक अखिलेश पांडेय के घर हुई एक करोड़ रुपये से अधिक की सनसनीखेज चोरी ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। वारदात के चार दिन बाद भी शातिर चोर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि गैंग की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश में कई राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी के बाद आरोपी सीधे बिरसा चौक स्थित एक होटल पहुंचे। वहां कुछ समय रुकने के बाद वे हाई स्पीड में यूपी नंबर प्लेट लगी जगुआर कार से बुंडू, जमशेदपुर और बहरागोड़ा होते हुए जामसोला बॉर्डर की ओर निकल गए। पुलिस को आशंका है कि गैंग ओडिशा के बारीपदा या पश्चिम बंगाल के खड़गपुर और कोलकाता की तरफ भाग चुका है।राँची पुलिस ने शहर और आसपास के जिलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की मूवमेंट ट्रैक की है। हालांकि पुलिस को होटल में उनकी लोकेशन काफी देर से मिली और जब तक टीम वहां पहुंची, आरोपी लगभग 12 घंटे पहले ही फरार हो चुके थे।
एसआईटी गठित, बंगाल-ओडिशा और यूपी में दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। आधा दर्जन से अधिक पुलिस टीमें लगातार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
- पहली टीम पश्चिम बंगाल में संदिग्धों की तलाश कर रही है।
- दूसरी टीम ओडिशा में सक्रिय है।
- तीसरी टीम उत्तर प्रदेश में गैंग के नेटवर्क और वाहन की जांच में जुटी है।
यूपी नंबर वाली जगुआर बनी जांच का सबसे बड़ा सुराग
पुलिस जांच में पता चला है कि जिस कार से आरोपी फरार हुए, उस पर उत्तर प्रदेश का नंबर प्लेट लगा था।शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों की जगुआर कार पर लगा उत्तर प्रदेश का नंबर फर्जी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया, वह वास्तव में किसी दूसरी जगुआर कार का पंजीकरण नंबर है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार चोरी की थी या फिर अपराधियों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घटना को अंजाम दिया।
दो घंटे तक घर में रहे चोर, आराम से समेटी करोड़ों की संपत्ति
सीसीटीवी फुटेज और जांच के अनुसार, चोर गुरुवार तड़के करीब 2:15 बजे पाइप के सहारे घर के अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने करीब दो घंटे तक पूरे घर की तलाशी ली। एक-एक कमरे में रखे जेवर, नकदी और कीमती सामान बैग में भरते रहे। सुबह करीब 4:15 बजे उसी रास्ते नीचे उतरकर आराम से फरार हो गए।
पूरे परिवार को बेहोश करने के लिए स्प्रे का इस्तेमाल?
पीड़ित अखिलेश पांडेय के मुताबिक परिवार रात करीब डेढ़ बजे सोया था। सुबह जब सभी की नींद खुली तो सिर भारी महसूस हो रहा था। इसी आधार पर आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने घर के कमरों में किसी तरह का नींद लाने वाला स्प्रे छिड़का था, जिससे पूरा परिवार गहरी नींद में सोता रह गया।
हत्या की भी थी तैयारी!
सीसीटीवी फुटेज में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फुटेज में दिख रहा है कि चोर अपने साथ एक तकिया भी लेकर आए थे। घर मालिक को आशंका है कि यदि घर का कोई सदस्य जाग जाता, तो तकिए से उसका मुंह दबाकर हत्या तक की जा सकती थी। इससे साफ है कि गैंग पूरी तैयारी और खतरनाक इरादे के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचा था।
एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर किया हाथ साफ
चोर घर से करीब 600 ग्राम सोने के आभूषण, हीरे के जेवर, सोना-रूबी का पूरा सेट, सोने-चांदी के महंगे उपहार, करीब 8 लाख रुपये मूल्य के दुर्लभ सिक्के और मुद्रा, न्यौता में मिले लगभग 10 लाख रुपये नकद समेत कुल डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति लेकर फरार हो गए।इस मामले में अखिलेश पांडेय के पुत्र आशुतोष पांडेय ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उसी रात दूसरे बिल्डर के घर भी धावा
हैरानी की बात यह है कि इसी रात शहर के एक अन्य बिल्डर एनके कंस्ट्रक्शन के मालिक निशित केसरी के घर भी चोरों ने घुसने की कोशिश की थी। वहां गार्ड और निशित केसरी ने चोरों को देख 8 से 10 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई के दौरान उनके अंगरक्षक के पैर में गोली लग गई। इस घटना के बाद पुलिस को शक है कि राजधानी में सक्रिय कोई संगठित और पेशेवर अंतरराज्यीय गैंग लगातार हाई-प्रोफाइल घरों को निशाना बना रहा है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
राँची पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज, होटल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और जगुआर कार के सुराग के आधार पर जल्द ही पूरे गैंग का पर्दाफाश किया जाएगा।

