इश्क, धोखा और कत्ल: साली के प्यार में अंधा हुआ जीजा, होने वाले साढ़ू को रास्ते से हटाने के लिए रची खौफनाक साजिश;गिरिडीह पुलिस का बड़ा खुलासा

 

​गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह जिले के जमुआ इलाके का बहुचर्चित ‘नीरज हत्याकांड’ महज़ एक अपराध नहीं, बल्कि अवैध संबंधों, धोखे और खूनी साज़िश की ऐसी दास्तान है जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। गिरिडीह पुलिस के स्पेशल टीम ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री का महज़ कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। नीरज की बेरहमी से हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका होने वाला साढ़ू सुभाष पासवान ही निकला।इस सनसनीखेज हत्याकांड की विस्तृत जानकारी शनिवार को खोरी महुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने दी।

​साली की मोहब्बत में ‘जल्लाद’ बना जीजा

​एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे की वजह ‘अवैध प्रेम संबंध’ है। दरअसल, जिस लड़की से मृतक नीरज की शादी तय हुई थी, उस लड़की का अपने ही सगे जीजा सुभाष पासवान के साथ पिछले ढाई वर्षों से गहरा प्रेम प्रसंग चल रहा था।​यह बात तब और पुख्ता हो गई जब पुलिस ने मृतक की होने वाली मंगेतर से पूछताछ की। लड़की ने खुद कबूल किया कि उसके और उसके जीजा के बीच संबंध थे। सुभाष ने उसे साफ अल्टीमेटम दिया था कि तुम कहीं और शादी मत करना, मैं तुम्हें ताउम्र अपने साथ रखूंगा।जब लड़की की शादी नीरज से तय हो गई, तो सुभाष के सिर पर खून सवार हो गया और उसने नीरज को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना डाला।

​लापता हुआ नीरज, बिहार में मिली लाश

​नीरज अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसके बाद परिजन अनहोनी की आशंका से परेशान थे। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच पड़ोसी राज्य बिहार के जमुई जिले से नीरज की लाश बरामद हुई। लाश मिलने के बाद गिरिडीह एसपी  ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक विशेष जांच दल  का गठन किया। साइंटिफिक और तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम सीधे मुख्य आरोपी सुभाष पासवान तक जा पहुंची और उसे दबोच लिया।गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सुभाष पासवान से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था।

एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया घातक हथियार, एक स्कूटर, मोबाइल फोन और घटनास्थल से शराब की बोतल बरामद कर ली गई है। पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि इस मामले को स्पीड ट्रायल (त्वरित सुनवाई) में ले जाया जाए, ताकि अपराधी को कम से कम समय में कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

​लापरवाह थानेदार पर गिरेगी गाज!

​इस पूरे हत्याकांड में जमुआ पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि जमुआ के थाना प्रभारी विभूति देव पर इस मामले को लेकर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। प्रथम दृष्टया (शुरुआती जांच में) थाना प्रभारी की लापरवाही साफ नजर आ रही है। गिरिडीह एसपी ने इस संबंध में विभागीय जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। देर शाम तक जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी जाएगी, जिसके बाद लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसर पर बड़ी गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

इधर,जमुआ थाना क्षेत्र के भीखोडीह गांव निवासी नीरज हाजरा, जो बीते 4 जुलाई से लापता थे, उनका शव बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा जंगल से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। शव मिलने की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने जमुआ–पचंबा मुख्य मार्ग पर चितरडीह पहाड़ी के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई ।प्रदर्शनकारी मृतक के लिए न्याय की मांग करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि नीरज हाजरा की हत्या की गई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।ग्रामीणों का कहना है कि नीरज 4 जुलाई से लापता थे।परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला बाद में उनका शव बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा जंगल से बरामद हुआ।शव मिलने के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम हटाया और आवाजाही शुरू की।

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