जमशेदपुर में हाई अलर्ट: रात 3 बजे हुआ हिमांशु सिंह का पोस्टमार्टम, परिजनों ने उठाए सवाल; 6 थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू

जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार एंड रेस्टोरेंट के बाहर हुए चर्चित हत्याकांड में जान गंवाने वाले हिमांशु सिंह के शव का बुधवार तड़के करीब 3 बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति का हवाला देते हुए देर रात ही पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। हालांकि, पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के परिजन मौजूद नहीं थे, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है।
एसएसपी और एसपी हटने के बाद शुरू हुई पोस्टमार्टम प्रक्रिया
देर रात जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को हटाए जाने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त भी हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे और परिजनों से पोस्टमार्टम कराने की अपील की। प्रशासन की ओर से दो बार नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन परिजन अपने फैसले पर अड़े रहे। अंततः पुलिस ने कानूनी प्रावधानों के तहत पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई।
परिजनों का आरोप- बिना मौजूदगी के करा दिया पोस्टमार्टम
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले उन्हें पर्याप्त सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि परिवार के किसी सदस्य की मौजूदगी के बिना इतनी महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दी गई, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
पिता बोले- विश्वनाथ मंडल के एनकाउंटर के बाद ही होगा अंतिम संस्कार
हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह ने साफ कहा है कि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के एनकाउंटर के बाद ही बेटे का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक परिवार अपने फैसले पर कायम रहेगा।
रात 2:30 बजे टीएमएच से लाया गया शव
जानकारी के अनुसार, पुलिस निगरानी में शव को टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) से रात करीब 2:30 बजे पोस्टमार्टम हाउस लाया गया, जिसके बाद चिकित्सकों की टीम ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम पूरा किया। फिलहाल शव पोस्टमार्टम हाउस में ही रखा गया है।
मुख्य आरोपी पर 2 लाख का इनाम
इस बीच पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि शहर में तनावपूर्ण माहौल और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल पोस्टमार्टम कराना जरूरी था। पूरी प्रक्रिया सक्षम अधिकारियों की निगरानी में कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संपन्न कराई गई।
शहर में भारी आक्रोश
गौरतलब है कि डीडी बार के बाहर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की सोमवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे शहर में जबरदस्त आक्रोश है। मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं जिले के एसएसपी को भी हटा दिया गया है।
बिष्टुपुर बार कांड के बाद प्रशासन सख्त, 6 थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू
बढ़ते तनाव को देखते हुए धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (पूर्व की धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 1 जुलाई 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
इन 6 थाना क्षेत्रों में लागू रहेगा आदेश
- साकची
- बिष्टुपुर
- सोनारी
- कदमा
- एमजीएम
- मानगो
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
- किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, रोड जाम, घेराव और पुतला दहन।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा सहित किसी भी घातक हथियार के साथ चलना।
- बिना अनुमति लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल।
- शांति भंग करने की आशंका वाले उद्देश्य से 5 या उससे अधिक लोगों का एकत्र होना।
इन लोगों को मिलेगी छूट
ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्साकर्मी और मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मी इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
अब पूरे शहर की नजर पुलिस कार्रवाई पर
हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर शहर में गुस्सा चरम पर है। एक ओर परिजन मुख्य आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। फरार आरोपी पर इनाम घोषित होने के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है और अब पूरे शहर की नजर उसकी गिरफ्तारी पर टिकी है।

