झारभूमि पोर्टल में बड़ी सेंध…ऑनलाइन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर करोड़ों की जमीन पर अवैध जमाबंदी, साइबर थाना में FIR

राँची। राजधानी राँची में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कांके अंचल में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ कर सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी कायम करने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांके अंचल अधिकारी ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर, सिस्टम पर उठे सवाल
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि कांके अंचल के मौजा सुकुरहूटू (थाना संख्या-154) और मौजा गारू (थाना संख्या-153) की जमीन से जुड़े ऑनलाइन पंजी-2 में अनधिकृत तरीके से जमाबंदी दर्ज कर दी गई। यानी डिजिटल रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीन का स्वामित्व बदलने की कोशिश की गई, जिससे पूरे राजस्व तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे कराया गया म्यूटेशन!
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मौजा गारू की जमीन का नामांतरण कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया। इसके लिए नामांतरण वाद संख्या 10651/2025-26 और 10652/2025-26 का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। अब इन दस्तावेजों और प्रक्रिया की भी गहन जांच होगी।
रैयत से लेकर सॉफ्टवेयर डेवलपर तक जांच के घेरे में
इस मामले में केवल जमीन के दावेदार ही नहीं, बल्कि झारभूमि पोर्टल के संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। प्राथमिक जांच में रैयतों, उत्तराधिकारियों, सॉफ्टवेयर डेवलपर और पोर्टल से जुड़े अन्य संबंधित कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आशंका है कि मिलीभगत से ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदलाव कर अवैध जमाबंदी कायम की गई।
पूरे नेटवर्क की जांच की मांग
कांके अंचल अधिकारी ने साइबर थाना को दिए आवेदन में मांग की है कि झारभूमि पोर्टल की शुरुआत से अब तक इससे जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी कर्मियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच साइबर थाना के हाथों में है। जांच से यह साफ होगा कि यह केवल कुछ लोगों की साजिश थी या फिर जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में हेरफेर करने वाला कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है।

