पुलिस की मौजूदगी में चापड़ से हमला, टीएमएच में हिमांशु सिंह की मौत… जमशेदपुर में उबाल, पुलिस पर उठे बड़े सवाल..

जमशेदपुर।झारखण्ड के जमशेदपुर शहर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुई खूनी चाकूबाजी की वारदात ने अब हत्या का रूप ले लिया है। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की टीएमएच में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष सिंह की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज कोलकाता के अस्पताल में चल रहा है।
हिमांशु सिंह टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी और टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व कमेटी सदस्य अशोक सिंह के पुत्र थे तथा आदित्यपुर के हरिओम नगर के निवासी थे।

वहीं,मौत की सूचना पर आम लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।मौत की खबर के बाद लोगों का जुटान बिष्टुपुर स्थित मुख्य गोलचक्कर पर आक्रोशित लोग जुट गए।लोगों ने यहां जमकर हंगामा किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है।मुख्य गोलचक्कर को ही जाम कर दिया गया।लोगों में पुलिस के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा है।लोगों का गुस्सा इसलिए है कि घटना के दिन पुलिस वाहन से निकालकर अपराधियों ने चापड़ से हमला किया था।
पुलिस की मौजूदगी में हमला, उठ रहे बड़े सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हिमांशु और प्रत्युष को पुलिस की पीसीआर वैन से खींचकर बाहर निकाला और पुलिस के सामने ही चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क पर उतरा जनाक्रोश
हिमांशु की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि “जब पुलिस अपनी मौजूदगी में युवकों की जान नहीं बचा सकी, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी?”
11 आरोपी, 2 गिरफ्तार
इस मामले में अब तक 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हिमांशु की मौत के बाद अब इस केस में हत्या (मर्डर) की धारा भी जुड़ गई है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद लोगों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। खबर लिखे जाने तक किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

