भाई को बचाने कूदा, दोनों की बुझ गई जिंदगी: 30 फीट गहरे कुएं ने निगल लिए दो सगे भाई

राँची।जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र के चन्द्राटोली गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए बड़े भाई ने छोटे भाई की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आखिरकार दोनों सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब छह बजे छोटा भाई विनोद मुंडा (35) खेत से लौटने के बाद सिंचाई कूप से पानी निकालने गया था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे कुएं में गिरकर डूबने लगा। भाई को संकट में देख सुखराम मुंडा (42) बिना देर किए कुएं में कूद पड़े। उन्होंने काफी प्रयास कर विनोद को पानी की सतह तक खींच भी लिया, लेकिन कुएं में पानी अधिक होने और बाहर निकलने का कोई सहारा नहीं होने के कारण दोनों खुद को नहीं बचा सके और देखते ही देखते दोनों की सांसें थम गईं।
बताया जाता है कि विनोद पहले से मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था और अविवाहित था। परिवार के लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था और सुखराम हमेशा अपने छोटे भाई का ख्याल रखते थे।ग्रामीणों ने बताया कि हादसा जिस सिंचाई कूप में हुआ, उसकी गहराई करीब 30 फीट है, जबकि उसमें 22 से 23 फीट तक पानी भरा हुआ था। यह कुआं दो वर्ष पहले मनरेगा योजना के तहत मृतकों के पिता बिरसा मुंडा द्वारा बनवाया गया था। कुएं पर अब तक सुरक्षा के लिए मुंडेर नहीं बनाई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी पूरी तरह बैठने के बाद मुंडेर बनाने की प्रक्रिया होती है, लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मुखिया मधुसूदन मुंडा ने पुलिस को जानकारी दी। अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम रजवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकालकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया।इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे चन्द्राटोली गांव में शोक की लहर है। पूर्व मुखिया मधुसूदन मुंडा ने सरकार और प्रशासन से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

