इलाज की उम्मीद लेकर उड़ा था विमान फिर तेज बारिश,जोरदार धमाका और फिर जंगल में लग गई आग,विमान हादसे का खौफनाक मंजर…

चतरा/राँची। झारखण्ड के चतरा जिले में राँची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस सोमवार की रात क्रैश हो गया। जिसमें सभी सात लोगों की मौत हो गई है। विमान में मरीज, दो परिजन, दो डॉक्टर और दो पायलट सवार थे। यह हादसा चतरा जिले के सिमरिया थाना इलाके के कासियातु अंतर्गत करमटांड जंगल में हुआ है।प्लेन क्रैश की सूचना के बाद ग्रामीणों के सहयोग से मौके पर पहुंची जिला प्रशासन ने बचाव और राहत अभियान शुरू कर किया। अभियान के दौरान जिला प्रशासन की टीम ने प्लेन से सातों शव बरामद कर लिया है जिसमें एक महिला समेत छह पुरुष शामिल है

पुलिस ने एहतियातन घटना स्थल व आसपास के इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि घटना के हर संभावित पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा सके। मौके पर चतरा की डीसी कीर्ति श्री जी, एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार व सिमरिया एसडीओ महेश्वरी यादव समेत 6 से ज्यादा बीडीओ-सीओ के अलावे कई थानो की पुलिस व पारा मिलिट्री फोर्स के जवान कैंप कर रहे हैं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुर्घटनाग्रस्त प्लेन से मृतकों के शव को भी निकालकर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल चतरा भेजा दिया है।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अथरिटी के अनुसार एम्बुलेंस में पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार, मरीज की पत्नी अर्चना देवी, उसका भंजा धीरू कुमार के अलावे डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पारा मेडिकल स्टॉफ सचिन कुमार मिश्रा सवार थे।

तेज बारिश, जोरदार धमाका और फिर जंगल में लग गई आग, चतरा विमान हादसे का खौफनाक मंजर

सिमरिया का कसारी जंगल, सोमवार की शाम समय करीब आठ बज रहे होंगे तेज बारिश हो रही थी।इसी तेज बारिश में लोगों को एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। इस जोरदार धमाके के बाद कसारी जंगल में तेज बारिश के बीच ग्रामीणों को जंगल से आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं। उन्हें शक हुआ कि इस तेज बारिश में जोरदार धमाका और फिर जंगल के बीच से आग की तेज लपटें? हो न हो कोई अनहोनी हो गई है।ग्रामीण आनन-फानन में बारिश के बीच घरों से निकलकर जंगल में आग की लपटों के बीच पहुंचे, तो वहां का मंजर ही कुछ और था।

सिमरिया के कसारी इलाके के ग्रामीण जब जंगल के अंदर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए एक विमान पूरी तरह से ध्वस्त पड़ा था।मलबे के बीच से धुआं और आग की लपटें उठ रही थीं इसी दौरान एक महिला का अधजला शव भी दिखाई दिया मंजर देख ग्रामीण भौंचक रह गए उन्हें समझते देर नहीं लगी कि यह कोई साधारण आग नहीं, बल्कि विमान हादसा है ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चतरा पुलिस और प्रशासन को दी।

मिली जानकारी के अनुसार,राँची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई यह एयर एंबुलेंस चतरा के सिमरिया स्थित कसारी जंगल में क्रैश हो गई यह विमान हादसा सोमवार की रात करीब 8:40 बजे के आसपास हुआ। बताया गया कि विमान ने शाम सात बजे राँची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद उसका एटीसी से संपर्क टूट गया।वायरलेस सिग्नल से आखिरी बार संपर्क शाम 7:30 बजे पलामू-गढ़वा क्षेत्र में हुआ था। इसके बाद अचानक संपर्क समाप्त हो गया।

दुर्घटनाग्रस्त विमान रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस सी-90 बताया जा रहा है। इस में कुल सात लोग सवार थे। इनमें पायलट कप्तान विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन समरजीत सिंह, डॉ विकास गुप्ता, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, ध्रुव कुमार और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। इस विमान हादसे में सभी सात लोगों के मारे गए हैं।

बताया यह जा रहा है कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार (41) को राँची से दिल्ली ले जाया जा रहा था। वे आगजनी की घटना में करीब 65% तक जल गए थे।उन्हें 16 फरवरी को राँची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था।सात दिन पहले उनके बकोरिया स्थित होटल में आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। स्थिति में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया।सोमवार शाम उन्हें अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के लिए रवाना किया गया था।चतरा के पुलिस-प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का खुलासा किया जाएगा खराब मौसम, तेज बारिश और हवा को संभावित कारणों में देखा जा रहा है, लेकिन अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

ग्रामीणों के मुताबिक रात करीब आठ बजे तेज बारिश और हवा के बीच अचानक जोरदार धमाका हुआ इसके तुरंत बाद जंगल में आग लग गई। घटनास्थल पर आसपास के गांवों से करीब एक हजार लोग पहुंच गए बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची।पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और किसी को भी मलबे के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है रात का समय और लगातार बारिश राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बनती रही इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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