रामगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात साइबर अपराधी…हत्या के मामले में भी था वांछित…4.43 लाख कैश सहित अन्य समान बरामद..

रामगढ़।झारखण्ड में रामगढ़ जिले के गोला थाना और रामगढ़ साइबर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को एक कुख्यात साइबर अपराधी पकड़ा गया है।साथ ही गिरफ्तार आरोपी एक हत्या के मामले में भी वांछित है।साइबर अपराधी की गिरफ्तारी की पुष्टि रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने की है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम संटू कुमार उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन है।वह बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन आईफोन समेत कुल छह मोबाइल, छह फर्जी सिम कार्ड, 4 लाख 43 हजार रुपये नगद और एक बुलेट बाइक बरामद किया है।
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि पकड़ा गया हत्या और साइबर ठगी का आरोपी रामगढ़ जिले के गोला थाना अंतर्गत हेरमदगा गांव में सेवानिवृत्त डीवीसी अभियंता के घर किराए पर रहता था और वहीं से साइबर ठगी को अंजाम देता था।एसपी ने बताया कि यह कुख्यात साइबर अपराधी काफी सक्रिय थामप्रतिबिंब ऐप के जरिए इसकी जानकारी मिली थी।वह लगातार नंबर भी बदलता रहता था।इस कारण उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी, लेकिन पुलिस की टीम आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पकड़ा गया साइबर ठग बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था और APK फाइल इंस्टॉल करवाता था।जिसके बाद वह सामने वाले के बैंक खाते से रुपये उड़ा देता था। साइबर अपराधी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह लोगों को एपीके फाइल भेजता था और जब सामने वाले उस फाइल को इंस्टॉल कर लेता था तो उनका मोबाइल का सिस्टम हैक हो जाता था। इसके बाद आरोपी और उसके गिरोह के सदस्य सिस्टम में घुसकर ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए रकम की जांच करते हैं और रकम मिलने पर पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।आरोपी अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में यह भी बताया कि जब वह बिहार में रहता था तो वह गूगल से एल्युमिनियम, कॉपर और मेटल कारोबारियों का नंबर निकालता था और पटना बुलाता था, फिर उनका अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अब तक गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान के व्यापारियों से करीब एक करोड़ रुपये की ऑनलाइन वसूली की है।
एसपी अजय कुमार ने बताया कि पूछताछ में सबसे सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले लक्ष्मण साधु शिंदे को 11 अप्रैल 2025 में फर्जी मीटिंग के बहाने पटना बुलाया गया।पटना हवाई अड्डा से ही उनका अपहरण कर बिहार के हिलसा ले जाया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया।इसके बाद शिंदे के परिवार को फोन कर 12 लाख रुपये शिंदे के खाते में मंगाए गए थे।
पैसे निकालने के लिए लक्ष्मण शिंदे से एटीएम का पिन कोड पूछने पर वह बार-बार एटीएम का पिन कोड गलत बता रहा था। जिसके बाद उसने और उसके साथियों ने शिंदे के साथ मारपीट की। जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया गया।इस हत्याकांड में आरोपी के 09 साथियों को पहले ही पटना एयरपोर्ट थाना पुलिस जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी संटू कुमार फरार होकर रामगढ़ में छिपा था। 9 महीने से वह रामगढ़ जिले के गोला के हरम दरगाह में रह रहा था। इससे पहले वह पटना में रहता था, जहां महाराष्ट्र के एक व्यापारी की हत्या के वह रामगढ़ में जाकर छुप गया था।

