Ranchi:आईजी एडमिन बिहार बनकर खादगढ़ा टीओपी प्रभारी से ठगी करने वाला गिरफ्तार…
–दो फोन रखता था अभियुक्त आनंद, एक से आईजी बनकर करता था कॉल, पकड़े जाने के दौरान नशे में धूत मिला, भेजा गया जेल
राँची।राजधानी राँची में आईजी एडमिन बिहार बन कर राँची के खादगढ़ा टीओपी प्रभारी से ठगे करने के आरोपी आनंद को लोअर बाजार थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर रविवार को उसे जेल भेज दिया गया। उसके विरुद्ध खादगढ़ा टीओपी प्रभारी दारोगा दिवाकर ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराया है। दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि 11 अक्टूबर की दोपहर 2.36 में उन्हें एक नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईजी एडमिन बिहार बताया। उसने कहा कि उसका पुत्र राँची में है। उसे राँची से पटना आना है। इसके लिए वह उसका बस में राँची से पटना के लिए एक टिकट वे करा दें। फोन करने वाले ने यह भी कहा कि वह पैसा पटना पहुंचने पर दे देगा। फोन करने वाले अन्य कई वरीय पुलिस अधिकारियों को भी कॉल कर कई तरह तरह की सरकारी सुविधा लेने का प्रयास कर रहा था। जिसपर खादगढ़ा टीओपी प्रभारी को संदेह हुआ। टीओपी प्रभारी ने उसका टिकट करा दिया और कहा वे अपने बेटे को स्टैंड में बस पकड़ने के लिए भेज दे।।
टीओपी प्रभारी ने बस स्टैंड पर पकड़ा तो दिखाने लगा रौब
संदेह होने के बाद टीओपी प्रभारी दिवाकर स्टैंड में बस के पास खड़े हो गए। रात 8.45 में अभियुक्त नगर निगम की गाड़ी से वहां पहुंचा। उसने खुद को आईजी एडमिन बिहार के पुत्र आनंद के रूप में अपना परिचय दिया। वह काफी नशे में था। जब उसे टीओपी प्रभारी ने पूछताछ शुरू की तो वह हंगामा करने लगा। उनके उपर ही रौब दिखाने लगा। फिर टीओपी प्रभारी ने एक एएसआई को बुलाया। जांच में उसके पास दो मोबाइल मिले। जिससे फोन करने पर वहीं नंबर मिला जिससे वह आईजी बनकर कॉल कर रहा था। उसका अल्कोहल जांच कराया गया तो 239/100 एमएल निकला। इसके बाद वरीय पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में सूचना दी गई।
राँची सहित कई राज्यों में आईजी एडमिन बिहार बनकर कर चुका है ठगी
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरफ्तार अभियुक्त आनंद राँची सहित अन्य कई राज्यों में वह आईजी एडमिन बिहार बनकर ठगी कर चुका है। वह अधिकारियों को अपना गलत परिचय देता था। इसके बाद उन्हें कॉल कर अपना निजी काम कराने के लिए दबाव बनाता था। जब पुलिस ने उससे उसका पहचान पत्र मांगा तो वह नहीं दे पाया। जांच में यह भी पता चला कि उसने नगर निगम के चालक व नगर निगम के कर्मी कमलेश को फोन कर आईजी एडमिशन बिहार के नाम पर सरकारी वाहन का उपयोग कर रहा था।

