बरही में युवक को मारी गोली, पीठ से घुसी बुलेट पेट से निकली; नशे के कारोबार का एंगल,जांच में जुटी है पुलिस..

 

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गोली लगने से गंभीर रूप से घायल एक 21 वर्षीय युवक को पुलिसकर्मी इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। युवक के शरीर में गोली आर-पार हो चुकी थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि गोली पीठ की तरफ से लगी और पेट की ओर से बाहर निकल गई। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए राँची रेफर कर दिया।घायल युवक की पहचान अजय कुमार सिंह (21), पिता मुकेश सिंह, ग्राम चापी, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार) के रूप में हुई है। अनुमंडलीय अस्पताल के आपातकालीन रजिस्टर में भी घायल का यही विवरण दर्ज है।

पीठ से घुसी गोली, पेट की तरफ से निकली
अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के अनुसार युवक को गोली गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। गोली पीठ की तरफ से शरीर में प्रवेश कर पेट की ओर से बाहर निकल गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को स्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन गोली लगने के मामले में आवश्यक सर्जरी और जटिल उपचार की सुविधा अनुमंडलीय अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे तत्काल रिम्स भेज दिया गया।
युवक को अस्पताल तक पहुंचाने में पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिसकर्मी ही घायल को लेकर अस्पताल पहुंचे और उसका इलाज कराया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई है।

गोली चली कहां, किसने मारी? पुलिस ने साधी चुप्पी
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अजय कुमार सिंह को गोली लगी कैसे? गोली किसने चलाई? वारदात बरही क्षेत्र में हुई या युवक को कहीं और गोली लगी और बाद में इलाज के लिए बरही लाया गया? फिलहाल इन सवालों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।पुलिस अधिकारी घटना के संबंध में खुलकर कुछ भी बताने से बच रहे हैं। ऐसे में वारदात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अब घायल युवक के बयान को भी अहम मान रही है। यदि उसकी हालत बयान देने लायक होती है तो घटना की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है।

नशे के कारोबार से जुड़ा होने की भी चर्चा
दूसरी ओर, सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि घायल युवक का कथित तौर पर डोडा (अफीम का अवशेष) के अवैध कारोबार से संबंध हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। पुलिस जांच में यदि यह बात सही पाई जाती है तो गोलीबारी की घटना का संबंध नशे के अवैध कारोबार में वर्चस्व, लेन-देन या आपसी विवाद से भी जोड़ा जा सकता है।
घायल युवक का पैतृक इलाका बाराचट्टी, गया है। यह क्षेत्र लंबे समय से अफीम और उससे जुड़े अवैध कारोबार को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की नजर में रहा है। ऐसे में पुलिस इस एंगल को भी जांच में शामिल कर सकती है। हालांकि फिलहाल इसे सिर्फ जांच का संभावित पहलू माना जा रहा है, न कि घटना का स्थापित कारण।

नशे के खिलाफ बरही पुलिस का अभियान भी चर्चा में
खास बात यह है कि बरही इलाके में हाल के दिनों में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान तेज किया है। कुछ दिन पहले ही बरही में पुलिस की ओर से नशामुक्ति जागरूकता के लिए बाइक रैली निकाली गई थी और लोगों से नशीले पदार्थों के कारोबार की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई थी।

ऐसे में गोलीबारी की इस घटना में नशे के कारोबार का एंगल सामने आने के बाद पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घायल युवक वास्तव में किसी नशीले पदार्थ के कारोबार में शामिल था या नहीं और गोलीबारी का उससे कोई संबंध है या नहीं।

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अजय कुमार सिंह शनिवार को कहां था, उसके साथ कौन-कौन लोग थे, वह किस वाहन से आया था और गोली लगने के बाद उसे बरही अनुमंडलीय अस्पताल तक कौन लेकर पहुंचा। इसके अलावा घटनास्थल की पहचान, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और संभावित सीसीटीवी फुटेज की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

फिलहाल घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए रिम्स राँची रेफर कर दिया गया है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह गोलीबारी किसी व्यक्तिगत विवाद का परिणाम थी, आपराधिक गिरोहों के बीच संघर्ष से जुड़ी थी या फिर इसके पीछे नशे के अवैध कारोबार का कोई कनेक्शन है।

 

error: Content is protected !!