डोरंडा गोलीकांड की दो FIR में सामने आई दो तस्वीरें, एक ने कहा- सुलह कराने पहुंचे थे, तो बरसने लगीं गोलियां; दूसरे ने कहा-गवाही रोकने के लिए किया ताबड़तोड़ फायरिंग..

 

राँची।राजधानी का संवेदनशील डोरंडा इलाका 12 सितंबर की रात गोलियों की तड़तड़ाहट और गैंगवार की दहशत से दहल उठा था। 24 घंटे के भीतर दो मोहल्लों के बीच वर्चस्व, गाली-गलौज और कोर्ट में गवाही को लेकर ऐसा खूनी तांडव मचा कि लाठी-डंडे, लोहे के पाइप चले, कनपटी पर लोडेड पिस्टल सटाई गई और बाद में मोहल्ले के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई।इस वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव है। पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदन पर एक दूसरे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है।एक तरफ जहां जानलेवा हमला, बलवा और आर्म्स एक्ट का केस हुआ है, वहीं दूसरे पक्ष ने चर्चित अल्ताफ अंसारी हत्याकांड के गवाह को चुप कराने के लिए घर पर गोलियां बरसाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। दोनों मामलों की जांच सब-इंस्पेक्टर आजाद अंसारी को सौंपी गई है।

चलती बाइक पर मारा लोहे का पाइप, सिर पर पिस्टल सटा धमकाया- सज्जू भाई से पंगा लिया तो भून देंगे’

ग्वाला टोली निवासी 21 वर्षीय मो. सोयम गद्दी (पिता मो. गुल्फाम) के बयान पर दर्ज एफआईआर में मो. सज्जू, बाबर, जावेद अनवर,मिन्हाज कुरैशी, नवाज, बबन,ताबीज,सोनू कुरैशी और इनके घर की महिलाओं समेत 35 अज्ञात को नामजद किया गया है। इस केस में बीएनएस की संगीन धाराएं (109(1), 115(2), 191(2), 191(3), 190, 111(2)/(6), 351(2)/(3), 352, 61(2)) और 27 आर्म्स एक्ट लगा है।दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 12 सितंबर की रात रेसलदार बाबा मैदान में सज्जू का कुछ लड़कों से पैसों को लेकर विवाद हो रहा था। सोयम और उसका दोस्त दानिश पहुंचे तो सज्जू ने गालियां बकते हुए गोली मारने की धमकी देकर खदेड़ दिया।13 सितंबर की शाम करीब 7.30 बजे सोयम और दानिश जब जैन मंदिर के पास से निकले, तो 30-35 लोग लोहे की रॉड और लाठी-डंडों के साथ घात लगाकर बैठे थे।चलती गाड़ी पर बबन और बाबर ने पीछे से भारी पाइप दे मारा।दोनों सड़क पर गिरे तो भीड़ टूट पड़ी और ताबड़तोड़ हमला कर दिया।आरोप है कि मिन्हाज और सोनू के उकसाने पर बाबर ने सीधे सोयम की कनपटी पर पिस्टल तान दी। चिल्लाकर बोला- ‘तुम ग्वाला वालों की इतनी हिम्मत कि सज्जू भाई से उलझोगे? सबको गोली मार देंगे।’दोनों किसी तरह जान बचाकर भागे.पीड़ित जब घर पहुंचे तो ग्वाला टोली के बुजुर्ग व गणमान्य लोग बात करने लाइन मोहल्ला पहुंचे.आरोप है कि वहां पहुंचते ही बाबर, जावेद अनवर, सज्जू, अमन, राजा बुलेट और मिन्हाज ने बिना बात किए जान से मारने की नीयत से उन पर सीधी फायरिंग झोंक दी.गोलियां चलते ही भगदड़ मच गई और लोग भागकर अपनी जान बचाए।

अल्ताफ मर्डर केस में 24 को गवाही, रोकने के लिए दरवाजे पर दागीं 6 गोलियां; 5 खोखा बरामद’

वहीं दूसरे पक्ष से लाइन मोहल्ला निवासी मो. जावेद अनवर (पिता स्व. जैनुल आबेदिन) ने भी मोर्चा खोलते हुए छोटू गद्दी, संजर खान और मो. आफाक के खिलाफ बीएनएस की धारा 351(2)(3) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। व्हाट्सएप पर मिली जान से मारने की धमकी: जावेद का दावा है कि वह बहुचर्चित अल्ताफ अंसारी हत्याकांड का चश्मदीद गवाह है। आगामी 24 सितंबर को कोर्ट में उसकी गवाही होनी है। आरोप है कि 13 सितंबर की शाम 7.30 बजे संजर खान ने उसके साले शकील के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर धमकाया कि ‘अगर अली खान के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी तो जिंदा नहीं बचोगे।’ धमकी के ठीक एक घंटे बाद, रात 8.30 बजे जावेद के घर के बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी।आरोप है कि छोटू गद्दी, संजर और आफाक ने दहशत फैलाने और जान लेने की नीयत से लगातार 6 राउंड गोलियां दागीं।फायरिंग के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए भाग निकले. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल से 5 खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद कर कब्जे में लिया है।

सड़कों पर गश्त, छावनी में तब्दील इलाका

गोलीबारी और जानलेवा हमले की दोहरी वारदातों के बाद लाइन मोहल्ला और ग्वाला टोली में भारी तनाव है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की कड़ियां जोड़ने के साथ-साथ इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले और सरेआम गोलियां चलाने वाले किसी भी सिंडिकेट या दबंग को बख्शा नहीं जाएगा।आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है।

बता दें वारदात के दो दिन बाद भी पुलिस अभी तक ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले अपराधियों को पकड़ नही पाई है।हालांकि कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।लेकिन मुख्य अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

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