फोन पर धमकी, लाखों की रंगदारी और फिर पुलिस का शिकंजा… रातू से शातिर गणेश पाहन गिरफ्तार, नक्सल-रेल डकैती से जुड़ा है पुराना रिकॉर्ड

 

राँची। राजधानी राँची के रातू थाना क्षेत्र में एक कारोबारी को फोन कर जान से मारने की धमकी देने और लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शातिर अपराधी गणेश पाहन उर्फ गणेश मुंडा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह नक्सल गतिविधि, रेल डकैती, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका है।

मामला रातू थाना कांड संख्या 262/26, दिनांक 31 जुलाई 2026 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसे अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने जान से मारने की धमकी देते हुए लाखों रुपये की रंगदारी मांगी थी। धमकी के बाद कारोबारी और उसके परिवार में भय का माहौल बन गया।
शिकायत के आधार पर रातू थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राँची एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में डीएसपी मुख्यालय-द्वितीय अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल नंबर, तकनीकी इनपुट और मानवीय सूचना को आपस में जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।लगातार पड़ताल के बाद पुलिस को गणेश पाहन की संलिप्तता के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।जिसे शुक्रवार को जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गणेश पाहन ने रंगदारी मांगने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसने इस वारदात में शामिल अपने कुछ सहयोगियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। अब पुलिस उन आरोपियों तक पहुंचने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।गिरफ्तार आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया है। पुलिस इसे मामले की जांच में अहम साक्ष्य मान रही है।

पुलिस जांच में गणेश पाहन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ चक्रधरपुर रेल थाना में डकैती, मुरहू थाना में आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट तथा टेबो थाना में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी से रंगदारी मांगने के पीछे केवल गणेश पाहन और उसके सहयोगी थे या इसके पीछे किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की भूमिका भी है। पुलिस उसके मोबाइल और सिम से मिले सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

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