NH-33 चौड़ीकरण मुआवजा घोटाला: ACB हजारीबाग की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन अमीन व प्रधान सहायक गिरफ्तार
हजारीबाग/रामगढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) हजारीबाग की प्रमंडलीय टीम ने NH-33 के चौड़ीकरण के दौरान अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में हुई वित्तीय अनियमितता और घोटाले के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। अनुसंधान के क्रम में एसीबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के दो मुख्य प्राथमिक अभियुक्तों तत्कालीन अमीन बालेश्वर प्रसाद और भू-अर्जन कार्यालय के तत्कालीन प्रधान सहायक प्रवीण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है।
1.92 एकड़ जमीन के मुआवजे में धांधली का मामला
यह पूरा मामला रामगढ़ जिला अंतर्गत माण्डू अंचल के मौजा जोडाकरम (पंचायत संख्या-02) का है। एनएच-33 चौड़ीकरण परियोजना के लिए खाता संख्या-126 और प्लॉट संख्या-2677 में दर्ज कुल 1.92 एकड़ अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के भुगतान में भारी अनियमितता बरती गई थी। तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत और फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी राशि का गबन किया था।
2018 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी हजारीबाग थाना में कांड संख्या-13/18 (दिनांक 18.09.2018) दर्ज किया गया था। यह प्राथमिकी तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120B, 406 तथा भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम 2018 की धारा 07(बी), 11 एवं 13(2) के तहत दर्ज की गई थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
अनुसंधान के दौरान साक्ष्य पाए जाने पर एसीबी की टीम ने हजारीबाग और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में:
बालेश्वर प्रसाद (69 वर्ष): पिता स्व० परमेश्वर महतो, निवासी ग्राम-मेरू (थाना-मुफ्फसिल, जिला-हजारीबाग)। यह तत्कालीन समय में माण्डू अंचल, जिला-रामगढ़ में अमीन के पद पर कार्यरत थे।
प्रवीण कुमार सिन्हा (63 वर्ष): पिता स्व० ब्रजकिशोर प्रसाद, निवासी रामनगर (पेट्रोल पंप के पास, थाना-कटकमदाग, जिला-हजारीबाग)। यह तत्कालीन समय में जिला भू-अर्जन कार्यालय, रामगढ़ में प्रधान सहायक के पद पर तैनात थे।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
एसीबी हजारीबाग की टीम ने दोनों आरोपियों को अपनी हिरासत में लेकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं और न्यायिक हिरासत में भेजने हेतु अग्रतर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद भू-अर्जन और अंचल कार्यालयों में फर्जीवाड़े में शामिल अन्य संलिप्त कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है। एसीबी मामले की जांच में आगे और भी कड़ियों को खंगाल रही है।

