कैरव गांधी सकुशल बरामदगी मामले में एसएसपी ने कहा- पुलिस के दबाव में अपहरणकर्ता छोड़ कर भागे…

 

जमशेदपुर।झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम के प्रसिद्ध उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र 24 वर्षीय कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस एरिया से हुआ था। जिला पुलिस ने लगातार कार्रवाई और दबाव के कारण अपहरणकर्ताओं को मजबूर कर दिया कि वे कैरव को छोड़कर फरार हो जाएं। कैरव को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों के पास पहुंचाया गया है।

एसएसपी पियूष पांडेय ने बताया कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था।परिवार ने बिष्टुपुर थाने में शिकायत दर्ज की। जांच के दौरान कैरव की कार कांदरबेड़ा के पास मिली थी।इसके बाद पुलिस ने बंगाल, ओडिशा, बिहार सहित अन्य राज्यों में छापेमारी की, लेकिन शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला।

इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि अपहरणकर्ता कैरव को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात कीं।बढ़ते पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ताओं ने आधी रात जीटी रोड पर चौपारण-बरही खंड (हजारीबाग के पास) में कैरव गांधी को सड़क पर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।पुलिस ने कैरव को तुरंत सुरक्षित बरामद किया और परिजनों के आग्रह पर उन्हें उनके आवास पहुंचाया।कैरव गांधी 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे घर पहुंचे।

एसएसपी पियूष पांडेय ने बताया कि मामले में किसी तरह का ट्रांजेक्शन (फिरौती) हुआ है या नहीं, इसकी जांच जारी है। अपहरण को अंजाम देने वाले गैंग की पहचान की जा रही है। अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और सर्च ऑपरेशन तेज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ताओं पर दबाव बढ़ने से ही वे कैरव को छोड़कर भागे।

इधर पूरे शहर में कैरव की सकुशल बरामदगी के मामले में चर्चाओं का बाजार गरम हैं।चर्चा है कि कैरव को छोड़ने के लिए क्या परिजनों से अपराधियों ने मोटी रकम वसूली की है।उसके बाद ही झारखण्ड बार्डर के पास छोड़कर अपराधी फरार हो गया।लोगों के बीच इसी तरह को चर्चाएं चल रही है।चर्चा तो ये भी चल रही है अगर पुलिस के दवाब में छोड़ा तो फिर अपराधी को पुलिस कैसे नहीं पकड़ पायी।जब पुलिस को शिफ्टिंग को लेकर जानकारी मिली तो फिर पुलिस के हाथ कोई अपराधी तो आता।फिलहाल लोग अपने अपने तरीके से चर्चा कर रहे हैं और पुलिस ने अपने तरीके से मीडिया के सामने तथ्य प्रस्तुत किए हैं।आने वाले समय में ये खुलासा होने की पूरी संभावना है पुलिस ने बरामद किया या परिजनों ने अपने तरीके से छुड़ाया है..!

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