गिरिडीह में प्रेमिका की हत्या का खौफनाक खेल: पत्नी संग मिलकर गला दबाया, रेलवे पटरी पर फेंका शव; जम्मू से आए फोन ने खोला राज

पढ़ाई के लिए 1.5 लाख रुपये मांग रही थी लक्ष्मी, पैसे के दबाव में हत्या की साजिश रचने का आरोप; वारदात के बाद प्रेमिका के मोबाइल से खुद को और पिता को भेजा मैसेज, मोबाइल-बैग जम्मूतवी एक्सप्रेस में छोड़ा

 

गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह जिले में प्रेम संबंध, पैसों का विवाद और हत्या की एक सनसनीखेज कहानी सामने आई है। जिस युवती की लाश रेलवे पटरी के पास मिलने के बाद मामला दुर्घटना या आत्महत्या की आशंका में उलझा हुआ था, वह कथित तौर पर सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस के अनुसार, युवती की हत्या उसके प्रेमी ने की और साक्ष्य मिटाने तथा जांच को भटकाने के लिए अपनी पत्नी के साथ मिलकर शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया। इतना ही नहीं, हत्या के बाद युवती के मोबाइल से ऐसा संदेश भेजा गया, जिससे लगे कि वह अपनी मर्जी से कहीं चली गई है। मोबाइल और बैग को जम्मूतवी एक्सप्रेस में छोड़कर आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जम्मू से आया एक फोन इस पूरे मामले की अहम कड़ी बन गया।

इस हत्याकांड में पुलिस ने सरिया थाना क्षेत्र के बन्धखारो निवासी बिनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार किया है। बिनोद चिचाकी रेलवे स्टेशन पर अनुबंध के आधार पर टिकट काटने का काम करता था। सरिया-बगोदर एसडीपीओ धनंजय राम ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

घटना की शुरुआत 20 सितंबर को हुई, जब चिचाकी रेलवे स्टेशन के पोल संख्या 335/31 के पास रेलवे पटरी के समीप एक अज्ञात महिला का शव मिला। शुरुआती जांच में मामला दुर्घटना या आत्महत्या से जुड़ा होने की आशंका थी। इस संबंध में गोमो रेल थाना में यूडी कांड दर्ज किया गया। हालांकि, मृतका के परिजनों ने घटना को लेकर संदेह जताया। इसके बाद रेल पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला बगोदर थाना भेज दिया, जहां 27 अक्टूबर को कांड संख्या 205/26 दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. बिमल कुमार ने विशेष जांच टीम गठित की। जांच आगे बढ़ी तो मृतका की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो निवासी नागेश्वर शर्मा की पुत्री लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, मोबाइल और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।

पांच से सात साल पहले हुई थी मुलाकात, पढ़ाई का खर्च भी उठाता था आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि बिनोद मंडल और लक्ष्मी कुमारी की मुलाकात करीब पांच से सात साल पहले चिचाकी रेलवे स्टेशन पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया। पुलिस के मुताबिक, बिनोद लक्ष्मी की पढ़ाई, खाने-पीने और आने-जाने का खर्च भी उठाता था। किसी चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए लक्ष्मी को जाना होता था, तो बिनोद उसके आने-जाने का खर्च भी देता था।वर्ष 2026 में अप्रैल से अगस्त के बीच लक्ष्मी ने गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी और इग्नू में पीजी की पढ़ाई के लिए नामांकन हेतु आवेदन किया था। इन आवेदनों का भुगतान भी बिनोद ने किया था। हालांकि, नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया रद्द होने के बाद लक्ष्मी आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की तैयारी करने लगी।

इसके लिए उसे करीब डेढ़ लाख रुपये की जरूरत थी। घर से पैसे नहीं मिलने के कारण उसने बिनोद से रकम की मांग की। पुलिस के अनुसार, इतनी बड़ी राशि एक साथ देने को लेकर बिनोद तैयार नहीं था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। आरोप है कि लगातार पैसों के दबाव से परेशान होकर बिनोद ने लक्ष्मी की हत्या की योजना बना ली।

सुनसान कमरे में ले जाकर गला दबाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर को बिनोद ने लक्ष्मी को दोदलों बुलाया। वहां से वह उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक सुनसान कमरे में ले गया। आरोप है कि उसने लक्ष्मी को विश्वास में लिया और रात में उसके साथ बिस्तर पर सो गया। इसके बाद अचानक उठकर अपने पैरों से उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद मामले को छिपाने के लिए बिनोद ने अपनी पत्नी सविता देवी की मदद ली। पुलिस के अनुसार, दोनों ने शव को एक सफेद बोरे में भरा और मोटरसाइकिल पर लादकर रेलवे पटरी के पास ले गए। वहां शव फेंक दिया गया, ताकि मामला ट्रेन से कटने या किसी रेल दुर्घटना का लगे और हत्या की आशंका न हो।

हत्या के बाद मोबाइल से भेजा गया भ्रामक संदेश

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू हत्या के बाद मोबाइल का कथित इस्तेमाल है। पुलिस जांच के अनुसार, 19 सितंबर की शाम लक्ष्मी को बुलाने के दौरान बिनोद ने उसका मोबाइल बंद कर दिया था। हत्या के बाद उसने मोबाइल चालू किया और उससे ऐसा संदेश टाइप कर भेजा, जिससे लगे कि लक्ष्मी खुद कहीं जा रही है और अब घर नहीं लौटेगी।

बताया गया है कि यह संदेश बिनोद और लक्ष्मी के पिता, दोनों के मोबाइल पर भेजा गया था। संदेश में लिखा था कि वह कहीं जा रही है, अब वापस नहीं आएगी और उससे संपर्क करने की कोशिश न की जाए। इस कथित चाल के पीछे उद्देश्य लक्ष्मी के अचानक गायब होने को सामान्य रूप देना और परिवार को भ्रमित करना था।

जम्मूतवी एक्सप्रेस में मोबाइल-बैग छोड़ने की कड़ी से खुला राज

पुलिस के अनुसार, बिनोद ने लक्ष्मी का मोबाइल और बैग जम्मूतवी एक्सप्रेस में छोड़ दिया था। कुछ दिनों बाद जम्मू से लक्ष्मी के परिजनों को फोन आया कि उसका मोबाइल और बैग वहां मौजूद है। इस सूचना ने जांच को नया मोड़ दिया। पुलिस ने इस कड़ी को गंभीरता से लिया और मृतका के संपर्कों तथा आरोपी की गतिविधियों की जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस का संदेह बिनोद मंडल पर गहराया। इसके बाद सरिया-बगोदर एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव ले जाने में इस्तेमाल किया गया सफेद बोरा और पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की। इसके बाद बिनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस जांच में जुड़ीं एक-एक कर कड़ियां

रेलवे पटरी के पास मिले अज्ञात शव से शुरू हुई जांच में मृतका की पहचान, प्रेम संबंध, पढ़ाई के लिए पैसों की मांग, मोबाइल से भेजा गया संदेश और जम्मू में मोबाइल-बैग मिलने की सूचना अहम कड़ियां बनीं। पुलिस का आरोप है कि हत्या के बाद घटना को दुर्घटना या युवती के खुद कहीं चले जाने की कहानी का रूप देने की कोशिश की गई थी। लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

 

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