पुराने सिंचाई गड्ढे में गिरकर हाथी की मौत, भारी बारिश ने रोका रेस्क्यू अभियान
चाईबासा/नोवामुंडी। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी वन क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में हाथी की जान चली गई। सिंदरी गौरी गांव में खेत के समीप स्थित पुराने सिंचाई कुएंनुमा गड्ढे में गिरने से हाथी की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के शव को बाहर निकालने की तैयारी शुरू की, लेकिन लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है।
जानकारी के अनुसार, हाथी खेत के पास बने पुराने सिंचाई गड्ढे में गिर गया था। हादसे की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। मृत हाथी को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन भी मंगाई गई, लेकिन बारिश के कारण खेत से होकर गुजरने वाला रास्ता बेहद फिसलन भरा हो गया है। ऐसे में मशीन को घटनास्थल तक ले जाने और रेस्क्यू का काम पूरा करने में काफी परेशानी हो रही है।वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए है। खबर लिखे जाने तक हाथी के शव को गड्ढे से बाहर नहीं निकाला जा सका था। बारिश के कारण आगे की कार्रवाई प्रभावित हो रही है।
सिंदरी गौरी गांव में हुई इस घटना ने खेतों और जंगलों के आसपास लंबे समय से खुले पड़े पुराने कुओं और सिंचाई गड्ढों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे गड्ढे न केवल ग्रामीणों, बल्कि जंगल से निकलकर आबादी और खेतों की ओर आने वाले वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।हाथी की मौत के बाद ऐसे असुरक्षित गड्ढों की पहचान कर उन्हें ढकने या घेराबंदी करने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, तो इस तरह के हादसों का खतरा कम किया जा सकता है।फिलहाल, वन विभाग की टीम घटनास्थल पर मौजूद है। मृत हाथी को बाहर निकालने की कार्रवाई मौसम और रास्ते की स्थिति को देखते हुए की जा रही है। हाथी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

