बोकारो BGH में इंसानियत शर्मसार….नवजात बच्ची की कीमत लगाई 2 लाख रुपये, सौदे से इनकार किया तो पिता को पत्नी से मिलने में हुई परेशानी
बोकारो। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वालों पर ही अगर नवजात की कीमत लगाने का आरोप लगे, तो सवाल उठना लाजिमी है। बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) में ऐसा ही एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां अस्पताल की एक सफाई कर्मचारी और तीन नर्सों पर नवजात बच्ची को दो लाख रुपये में देने का प्रस्ताव रखने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं, बच्ची के पिता ने जब इस कथित प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो आरोप है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती पत्नी से मिलने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मामला सेक्टर-4 थाना क्षेत्र के सर्कस मैदान निवासी मनोज कुमार से जुड़ा है। मनोज के अनुसार, उनकी पत्नी सोनी कुमारी 29 अक्टूबर को बोकारो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं। उसी दिन शाम करीब पांच बजे सामान्य प्रसव के दौरान उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। परिवार में नवजात के आने की खुशी अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई थी कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की कथित पेशकश ने पूरे परिवार को सकते में डाल दिया।
मनोज का आरोप है कि अस्पताल की एक सफाई कर्मचारी और तीन नर्सों ने उनसे कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बच्ची का ठीक से पालन-पोषण नहीं कर पाएंगे। ऐसे में बच्ची को दो लाख रुपये में दे देने का प्रस्ताव रखा गया। मनोज ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि बच्ची उनकी संतान है और वे किसी भी कीमत पर उसे किसी दूसरे को नहीं सौंपेंगे।
प्रस्ताव ठुकराया तो पत्नी से मिलने में अड़चन का आरोप
मनोज के मुताबिक, कथित सौदे का प्रस्ताव ठुकराने के बाद अस्पताल में उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। उन्हें अपनी भर्ती पत्नी सोनी कुमारी से मिलने में परेशानी होने लगी। इस घटना को लेकर परिवार ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल परिसर में ही नवजात बच्ची को लेकर इस तरह का प्रस्ताव दिया जाना बेहद चिंताजनक है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। वीडियो में नवजात की मां-बाप और एक सफाई कर्मचारी के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो और उसमें सामने आए कथित संवाद की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसडीओ के आदेश पर अस्पताल पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए चास एसडीओ के आदेश पर सेक्टर-4 थाना प्रभारी नीतीश कुमार अस्पताल पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
BSL प्रबंधन को नहीं मिली शिकायत
दूसरी ओर, बीएसएल के चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने बताया कि फिलहाल इस तरह की कोई शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
फिलहाल इस प्रकरण ने बोकारो जनरल हॉस्पिटल की व्यवस्था और अस्पताल कर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वाकई अस्पताल के भीतर एक नवजात बच्ची का दो लाख रुपये में सौदा करने का प्रस्ताव दिया गया था? क्या प्रस्ताव ठुकराने के बाद बच्ची के पिता को अपनी पत्नी से मिलने में परेशान किया गया? अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि बेहद गंभीर आपराधिक प्रकरण बन सकता है।

