मध्यप्रदेश: शराब तस्करों ने ट्रक से कु’चलकर थाना प्रभारी को मा’र डाला, मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप

 

 

देवास। मध्य प्रदेश में अवैध शराब तस्करी का मामला अब पुलिस अधिकारियों की जान पर बन आया है। देवास जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शराब तस्करी में शामिल एक ट्रक चालक ने कथित तौर पर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को वाहन से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी की मौत ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों के दुस्साहस को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना रविवार देर रात देवास जिले के खातेगांव-नेमावर रोड की है।

जानकारी के मुताबिक, जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत के बाद पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के परिवहन पर विशेष निगरानी रख रहे थे। इसी अभियान के तहत नेमावर रोड पर वाहनों की जांच के लिए चेकिंग प्वाइंट बनाया गया था। थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात थे।बताया जाता है कि इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध मिनी ट्रक पर पड़ी। थाना प्रभारी ने चालक को वाहन रोकने का इशारा किया, लेकिन उसने ट्रक रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और सीधे थाना प्रभारी को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक का पहिया उनके सिर और सीने के हिस्से को कुचलता हुआ आगे निकल गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पांच से अधिक पुलिस टीमों ने संभाला था मोर्चा

मामले की गंभीरता को देखते हुए देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देश पर पांच से अधिक विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की तरफ से अवैध शराब से भरा वाहन इंदौर होते हुए गुजरात की ओर ले जाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर हाईवे पर नाकेबंदी और संदिग्ध वाहनों की निगरानी की जा रही थी।

बताया गया है कि दिलीप पुरी रात करीब डेढ़ बजे अपनी टीम के साथ संदिग्ध वाहन तक पहुंचे थे। चालक को नीचे उतरने के लिए कहने पर उसने वाहन लेकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान थाना प्रभारी वाहन की चपेट में आ गए और पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। पुलिस की शुरुआती जांच में ट्रक का नंबर MP 43 H 4786 बताया गया है।

ट्रक में मिला शराब का गुप्त ठिकाना, तस्करी नेटवर्क की जांच

आबकारी विभाग की उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत के मुताबिक, घटनास्थल पर पहुंचकर जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसके गुप्त कम्पार्टमेंट में शराब की पेटियां मिलीं। वाहन में शराब परिवहन का वैध परमिट भी नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार वाहन हरदा की तरफ से आ रहा था। अब पुलिस और आबकारी विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।तस्करी के इस नेटवर्क में हरदा के राहुल जायसवाल का नाम भी सामने आने की खबर है। देवास के कुछ अन्य तस्करों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पहले ट्रक छोड़कर भागा चालक, फिर गिरफ्तारी की खबर

घटना के बाद चालक ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे ले गया और संदलपुर के पास वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया। शुरुआती खबरों में चालक के फरार होने की सूचना थी, बाद में चालक को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। तस्करी के कथित नेटवर्क में हरदा निवासी राहुल जायसवाल का नाम भी सामने आया है। हालांकि पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच अभी जारी है।

2007 बैच के उपनिरीक्षक थे दिलीप पुरी

दिलीप पुरी 2007 बैच के पुलिस उपनिरीक्षक थे। खातेगांव थाना प्रभारी के रूप में तैनाती से पहले वह इंदौर के हीरानगर और चंदन नगर थानों में भी पदस्थ रह चुके थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी स्तब्ध रह गए। देवास के एसपी आदित्य मिश्रा भी घटना की सूचना मिलने के बाद तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

गौरतलब है कि देवास जिले के चंदाना और बिजाना गांवों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई थी। विभिन्न रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 बताई गई है। इस मामले में नकली शराब तैयार करने के लिए केमिकल की खरीद और लाइसेंसी शराब की बोतलों में मिलावट किए जाने की बात जांच में सामने आई थी। इस घटना के बाद जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई थी।

विधायक आशीष शर्मा ने जताया दुख

खातेगांव के भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और क्षेत्र ने एक अच्छे पुलिस अधिकारी को खो दिया है।

इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और उसकी तस्करी पर लगाम लगाने की चुनौती को सामने ला दिया है। अब पुलिस के सामने न केवल थाना प्रभारी की मौत के पूरे घटनाक्रम की जांच करना है, बल्कि यह भी पता लगाना है कि शराब की इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और तस्करी का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

 

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