थाने में महिला से दुष्कर्म: थानेदार समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित, आरोपी सिपाही गिरफ्तार; एसआईटी गठित
सरायकेला।जिस थाने में एक महिला न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंची थी, उसी थाने के भीतर उसकी अस्मत लूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घरेलू विवाद से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने पहुंची महिला के साथ कथित तौर पर थाने में तैनात एक सिपाही ने ही दुष्कर्म किया। घटना सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर की है। इस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता गुरुवार को पारिवारिक विवाद से परेशान होकर गम्हरिया थाने पहुंची थी। वह अपनी शिकायत दर्ज कराकर पुलिस से मदद की उम्मीद कर रही थी। आरोप है कि इसी दौरान थाने में तैनात आरक्षी नीरज लकड़ा ने मदद करने के बहाने महिला को थाने के एक कमरे में ले गया। वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जिस पुलिस थाने में महिला अपनी फरियाद लेकर पहुंची थी, उसी परिसर में उसके साथ हुई इस कथित वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल विभागीय कार्रवाई की। कर्तव्य में लापरवाही और घोर उदासीनता के आरोप में गम्हरिया थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू, अनिरुद्ध सिंह और आरक्षी संतोष राय को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मुख्य आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। एसडीपीओ पुलिस टीम के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिस कमरे में वारदात होने का आरोप है, उसे सील कर दिया गया है। पुलिस की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है। पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और उसकी मेडिकल जांच कराई जा रही है।
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। एसआईटी सभी पहलुओं पर पड़ताल कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे मामले ने पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि थाने के भीतर एक महिला के साथ इतनी गंभीर घटना कैसे हो गई? थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? महिला की सुरक्षा और थाने की निगरानी व्यवस्था आखिर किसके जिम्मे थी? फिलहाल एसआईटी की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। अब देखना होगा कि जांच में इस घटना से जुड़े और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।

