जमशेदपुर में मौत के कुएं में खौफनाक हादसा.. स्टंट के दौरान आग का गोला बनी बाइक, लपटों में घिरी युवती; मेला परिसर में मची भगदड़

–20 फीट ऊंचे लकड़ी के कुएं में जानलेवा करतब के बीच भड़की आग, बाइक जलकर खाक; सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल

जमशेदपुर। तालियों की गूंज, तेज रफ्तार बाइक और मौत को मात देने का रोमांच… लेकिन अगले ही पल ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया कि मेले में मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। जमशेदपुर के बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में चल रहे मेले में रविवार रात मौत के कुएं के भीतर स्टंट के दौरान एक युवती की बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक आग की लपटों से घिर गई और करतब दिखा रही युवती झुलस गई। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। दर्शकों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।

 

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घटना इतनी भयावह थी कि मौत के कुएं के ऊपर खड़े दर्शक कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। जिस करतब को देखने के लिए लोग जमा हुए थे, वही अचानक जानलेवा हादसे में बदल गया। झुलसी युवती को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, बाइक आग में जलकर खाक हो गई।
रोमांच के बीच अचानक भड़की आग, चंद सेकेंड में बदला पूरा नजारा

जानकारी के अनुसार, रविवार रात बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में लगे मेले में मौत के कुएं का शो चल रहा था। करीब 20 फीट ऊंचे लकड़ी के ढांचे के भीतर बाइक सवार युवती तेज रफ्तार में चक्कर लगा रही थी। ऊपर बने मंच पर खड़े दर्शक करतब देख रहे थे। चारों ओर शोर, संगीत और तालियों की आवाज गूंज रही थी।
इसी दौरान अचानक बाइक के इंजन के पास से धुआं और चिंगारी निकलने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बाइक में आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में मोटरसाइकिल आग की लपटों से घिर गई। आग के बीच बाइक पर संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो गया और युवती नीचे गिरकर झुलस गई।इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे शो को अफरा-तफरी में बदल दिया। दर्शकों के सामने रोमांच का नजारा अचानक भयावह हादसे में तब्दील हो गया।

ऊपर दर्शकों में भगदड़, नीचे आग की लपटों से जूझती रही युवती
हादसे के दौरान मौत के कुएं के भीतर आग की लपटें उठने लगीं। ऊपर खड़े दर्शकों में दहशत फैल गई। लोग संकरी सीढ़ियों की ओर भागने लगे। हर किसी को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी। कुछ दर्शक वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तो कुछ मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाते नजर आए।

इस दौरान आग की चपेट में आई युवती को बचाने और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू हुई। कुएं के संचालक और कर्मचारियों ने पानी तथा मिट्टी डालकर आग बुझाई। गनीमत रही कि आग लकड़ी के पूरे ढांचे में नहीं फैली। यदि आग ने सूखी लकड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया होता, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

बाइक जलकर खाक, अस्पताल में युवती का इलाज
आग बुझने तक बाइक बुरी तरह जल चुकी थी। हादसे में झुलसी युवती को आनन-फानन में अस्पताल भेजा गया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में युवती की चोटों की गंभीरता और उसकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो में आग और हादसे के बाद मची अफरा-तफरी को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।

सबसे बड़ा सवाल: मौत के कुएं में सुरक्षा के इंतजाम कहां थे?
इस घटना ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौत के कुएं जैसे जोखिम भरे खेल में बाइक से करतब दिखाए जाते हैं, जहां जरा-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आयोजन स्थल पर आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम थे? क्या आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था थी? क्या मौके पर अग्निशमन उपकरण और मेडिकल सहायता उपलब्ध थी?
आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। शुरुआती आशंका तकनीकी खराबी या ईंधन के रिसाव की हो सकती है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

अनुमति से लेकर सुरक्षा मानकों तक जांच की जरूरत
हादसे के बाद आयोजन की अनुमति और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि मौत के कुएं के संचालन के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
बर्मामाइंस थाना पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अग्निशमन उपकरणों या एंबुलेंस की अनुपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

फिलहाल इस हादसे ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि मनोरंजन के नाम पर चलने वाले जानलेवा करतबों में सुरक्षा से समझौता भारी पड़ सकता है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि बाइक में आग कैसे लगी, सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही कैसे तय होगी।

 

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