कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भीषण भगदड़: 19 की मौत, 15 घायल; आयोजकों समेत 12 हिरासत में, निष्पक्ष जांच के आदेश

 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। चोरबागान इलाके के सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पूजा की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है,वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूजा पंडाल के आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। राज्य सरकार ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की जवाबदेही तय करने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की है।

बारिश, भारी भीड़ और अफरातफरी से बिगड़े हालात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। पंडाल में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर इंतजार कर रहे लोग एक साथ पंडाल के भीतर जाने की कोशिश करने लगे। देखते ही देखते भीड़ का दबाव बढ़ गया और स्थिति बेकाबू हो गई।इसी अफरातफरी के बीच कई लोग सड़क पर गिर पड़े। पीछे से आ रही भीड़ के कारण लोगों को संभलने और उठने का मौका नहीं मिला। कुछ ही देर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था और कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े थे।

19 लोगों की मौत, 15 घायल
इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल बचाव अभियान के तहत निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन कर्मियों और मेडिकल टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य संभाला।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भगदड़ के दौरान कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ घायलों को मोटरसाइकिलों के जरिए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। चारों ओर अफरातफरी का दृश्य था और भीड़ इतनी अधिक थी कि लोगों को संभालना मुश्किल हो रहा था।

त्वरित कार्रवाई: आयोजकों समेत 12 लोग हिरासत में
घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें पूजा आयोजन से जुड़े कुछ लोग भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पंडाल में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास की व्यवस्था तथा सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पंडाल के बाहर जमा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी और बारिश शुरू होने के बाद हालात बिगड़ने पर भीड़ को संभालने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए गए। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और किसी की जिम्मेदारी को जांच पूरी होने से पहले अंतिम रूप से तय नहीं माना जा सकता।

मुख्यमंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों की सहायता की घोषणा की। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच व्यवस्था गठित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सरकार का जोर हादसे के कारणों का पता लगाने, सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की पहचान करने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर रहेगा। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

अस्पताल पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जानने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने चिकित्सा व्यवस्था और घायलों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।घटनास्थल पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन और चिकित्सा दलों की तैनाती की गई। एहतियात के तौर पर संबंधित पूजा पंडाल को आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है, ताकि राहत कार्य, सुरक्षा जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

हेल्पलाइन नंबर जारी
हादसे के बाद कोलकाता पुलिस के लालबाजार कंट्रोल रूम की ओर से सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
18003455678
03322141310
हादसे से प्रभावित लोगों के परिजन इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने से पहले संबंधित व्यक्ति का नाम, अस्पताल की जानकारी और अन्य उपलब्ध विवरण तैयार रखना उपयोगी होगा।

भीड़ प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल

इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से यह जांचना जरूरी है कि पंडाल की क्षमता के अनुरूप लोगों के प्रवेश की व्यवस्था थी या नहीं, आपातकालीन निकास मार्ग खुले थे या नहीं और बारिश के दौरान भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तथा स्वयंसेवक तैनात थे या नहीं।

फिलहाल पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की मौत ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

 

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