राँची: सोशल मीडिया पर खबर देखते ही नकली नोट लेकर थाना पहुंचा किसान, तमाड़ में 31 हजार के जाली नोट का खुलासा; बकरी व्यापारी को जेल भेजा गया

 

राँची। झारखण्ड की राजधानी राँची के तमाड़ में नकली नोटों के मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बकरी खरीद-बिक्री के दौरान ₹19 हजार के संदिग्ध नोटों के साथ पकड़े गए व्यापारी नंद किशोर महतो के मामले में अब एक और किसान सामने आया है। सोशल मीडिया पर व्यापारी की गिरफ्तारी की खबर देखने के बाद किसान ब्रजेश स्वांसी 12 हजार के 500-500 रुपये वाले नोट लेकर सीधे तमाड़ थाना पहुंच गए। किसान ने पुलिस को बताया कि ये नोट उसे भी नंद किशोर महतो ने खस्सी खरीदने के दौरान दिए थे। इसके बाद मामले में नकली नोटों की कुल रकम बढ़कर 31 हजार तक पहुंच गई।इस नए खुलासे के बाद पुलिस की जांच को एक और अहम कड़ी मिली है। वहीं, पुलिस ने आरोपी नंद किशोर महतो को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

सोशल मीडिया पर खबर चली तो थाना पहुंच गया किसान
दरअसल, गुरुवार शाम तमाड़ थाना क्षेत्र के सिंदवारी बाजार में बकरी खरीद-बिक्री के दौरान 500 रुपये के नोटों पर संदेह होने के बाद हड़कंप मच गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बकरी व्यापारी नंद किशोर महतो को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 21,500 बरामद हुए, जिनमें 19 हजार के 500 रुपये वाले संदिग्ध नोट शामिल थे।पुलिस की इस कार्रवाई की खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई। खबर देखने के बाद तमाड़ थाना क्षेत्र के निवासी किसान ब्रजेश स्वांसी को भी व्यापारी से मिले नोटों की याद आई। वह अपने पास मौजूद 12 हजार के 500-500 रुपये वाले नोट लेकर थाने पहुंच गए। किसान ने पुलिस को बताया कि ये रुपये उसे नंद किशोर महतो ने खस्सी खरीदने के दौरान दिए थे।

पूछताछ में व्यापारी ने स्वीकार किए रुपये देने की बात
किसान के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने नोटों और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। पूछताछ के दौरान नंद किशोर महतो ने खस्सी खरीदने के बदले ब्रजेश स्वांसी को 12 हजार देने की बात स्वीकार की। इस खुलासे के बाद मामले में संदिग्ध नोटों की कुल रकम 31 हजार तक पहुंच गई।इससे पहले व्यापारी पर सवरन मुंडा से दो पाठा खरीदने के बदले 17 हजार के संदिग्ध नोट देने का भी आरोप सामने आया था। इसी दौरान सिंदवारी बाजार में उसे पकड़ा गया था। पुलिस अब इन सभी लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।

बंगाल के साप्ताहिक हाट से जुड़े हैं नोटों के तार!
जेल भेजे गए व्यापारी की पहचान नंद किशोर महतो, पिता शिवराम महतो, निवासी सालूडीह, ईचागढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया था कि वह बकरी खरीदने और बेचने का काम करता है। उसके अनुसार, दो दिन पहले वह बंगाल के एक साप्ताहिक हाट में पाठा और खस्सी बेचने गया था। वहां पशु बेचने के बदले उसे रुपये मिले थे।व्यापारी का दावा था कि उसे जानकारी नहीं थी कि उन रुपयों में नकली नोट हो सकते हैं। हालांकि, अब अन्य किसानों के सामने आने के बाद पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि अलग-अलग लोगों को दिए गए संदिग्ध नोट आखिर कहां से आए और क्या इनका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है।

31 हजार के संदिग्ध नोट, कई सवाल
इस मामले में अब पुलिस को यह पता लगाना है कि संदिग्ध नोट बंगाल के किस बाजार से आए, इन्हें व्यापारी तक किसने पहुंचाया और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर खबर सामने आने के बाद दूसरे किसान का थाने पहुंचना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
पुलिस बरामद नोटों की वास्तविकता और लेन-देन से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है। नोटों के स्रोत और किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही है।
आरोपी को जेल भेजा गया

तमाड़ थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने बकरी बाजार में नकदी के लेन-देन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने आरोपी नंद किशोर महतो को जेल भेज दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संदिग्ध नोट उसे कहां से मिले और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि सोशल मीडिया पर खबर देखने के बाद एक किसान अपने पास मौजूद ₹12 हजार के संदिग्ध नोट लेकर खुद थाने पहुंच गया। उसके सामने आने से मामले में एक और कड़ी जुड़ी और संदिग्ध नोटों की कुल रकम 31 हजार तक पहुंच गई।

 

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