हजारीबाग में अपराधियों पर SP का शिकंजा….पूजा पंडालों में सादे लिबास में पुलिस, पुराने अपराधियों से लेकर नशे के सौदागरों तक पर नजर

हजारीबाग। दुर्गापूजा और दीपावली को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के साथ जिले में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए हजारीबाग पुलिस ने कमर कस ली है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक अमन कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक हुई। बैठक में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन और संगठित अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए।

पूजा पंडालों में सादे लिबास में रहेगी पुलिस, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर विशेष नजर

दुर्गापूजा के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए पूजा पंडालों में महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। साथ ही, सभी प्रमुख पूजा पंडालों में सादे लिबास में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि असामाजिक तत्वों, छेड़खानी करने वालों और हुड़दंग मचाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड की ओर से भी पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

पुराने उपद्रवियों और सांप्रदायिक मामलों के आरोपियों पर कार्रवाई

त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका वाले असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पूर्व के सांप्रदायिक मामलों में वांछित रहे व्यक्तियों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन में शामिल लोगों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सीसीए, थाना हाजिरी और गुंडा पंजी में नाम दर्ज कराने जैसी कानूनी कार्रवाई के प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।

ड्रोन से होगी विसर्जन मार्ग की जांच, तालाबों पर रहेंगे गोताखोर

दुर्गापूजा विसर्जन को लेकर भी पुलिस प्रशासन सतर्क है। सभी थाना प्रभारियों, पुलिस निरीक्षकों और पुलिस उपाधीक्षकों को ड्रोन कैमरे की मदद से विसर्जन जुलूस के मार्गों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। विसर्जन वाले तालाबों में सुरक्षा के मद्देनजर गोताखोरों की व्यवस्था करने तथा रस्सी और ट्यूब उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।

महिला अपराध और पॉक्सो के लंबित मामलों पर सख्ती, 60 दिनों में निष्पादन का लक्ष्य

अपराध समीक्षा बैठक में महिला अत्याचार, छेड़खानी, दुष्कर्म और पॉक्सो से संबंधित मामलों पर विशेष फोकस किया गया। ऐसे लंबित कांडों में अविलंब कार्रवाई करते हुए 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा वर्ष 2026 से पहले के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया है। साइबर अपराध से जुड़े लंबित कांडों में भी तेजी लाने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सितंबर में 625 कांडों का निष्पादन, 1549 वारंट-कुर्की का निपटारा

बैठक में सितंबर 2026 के पुलिस कार्यों की समीक्षा के दौरान जिले में दर्ज मामलों और निष्पादित कांडों का ब्योरा भी सामने रखा गया।
340 कांड सितंबर 2026 में दर्ज किए गए।
625 कांडों का निष्पादन किया गया।
1045 वारंट/कुर्की प्राप्त हुए, जबकि 1549 का निष्पादन किया गया।
1140 पासपोर्ट आवेदन प्राप्त हुए और 1173 का निष्पादन किया गया।
156 चरित्र सत्यापन प्राप्त हुए, जबकि 180 का निष्पादन किया गया।

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, संबंधित अवधि में निष्पादित कांडों, वारंट-कुर्की, पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन की संख्या प्राप्त मामलों से अधिक रही। इसमें पूर्व से लंबित मामलों का निष्पादन भी शामिल हो सकता है।

नशे के कारोबार, अवैध खनन और साइबर अपराध पर विशेष अभियान

पुलिस अधीक्षक ने जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां सक्रिय आरोपियों की पहचान करने और विशेष अभियान चलाकर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अवैध कोयला, बालू और पत्थर के उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों और जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके अलावा पिछले पांच वर्षों में जेल से बाहर आए अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में आम लोगों की शिकायतें सुनने और उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

त्योहारों की सुरक्षा से लेकर अपराध नियंत्रण तक पुलिस की तैयारी

अपराध समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्गापूजा और दीपावली के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन और अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना रोकने और आम जनता को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया गया।

 

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