8,600 की रिश्वत लेते PHC प्रभारी गिरफ्तार, घर से 15 लाख कैश-40 लाख के गहने और बैंक खाते में मिले करीब एक करोड़ रुपये…
पटना। बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बकाया इंसेंटिव और अन्य भुगतान जारी करने के बदले 8,600 रुपये रिश्वत मांगी गई थी। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे निगरानी टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से डेटा एंट्री ऑपरेटर हिमांशु कुमार को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।लेकिन कार्रवाई की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। गिरफ्तारी के बाद जब निगरानी टीम पटना स्थित डॉ. कामिनी प्रसाद के आवास पर पहुंची और तलाशी शुरू की, तो वहां से 15.12 लाख रुपये नकद और करीब 40 लाख रुपये के जेवरात मिलने की जानकारी सामने आई। जांच में उनके बैंक खाते में 99.61 लाख रुपये जमा होने का भी पता चला है। इसके अलावा फ्लैट और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। अब निगरानी टीम बरामद नकदी, जेवरात, बैंक बैलेंस और संपत्ति से संबंधित कागजात की जांच कर रही है।
16 लिफाफों में रखे थे 15 लाख रुपये!
निगरानी टीम की तलाशी के दौरान नकदी मिलने का मामला भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवास से बरामद 15.12 लाख रुपये में करीब 15 लाख रुपये 16 लिफाफों में रखे मिले। इसके साथ लगभग 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद होने की बात सामने आई है। हालांकि, बरामद संपत्ति के स्रोत और उससे जुड़े तथ्यों का सत्यापन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा
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1.29 लाख रुपये का भुगतान, 8,600 रुपये रिश्वत का आरोप
इस पूरे मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित राजस्थान के सीकर जिले के धौद थाना क्षेत्र के मंडोला गांव निवासी जयपाल सिंह ने निगरानी मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उनका बकाया इंसेंटिव और अन्य भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत के मुताबिक, मार्च 2024 और मार्च से अगस्त 2025 तक का बकाया इंसेंटिव 16,200 रुपये था। वहीं, सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक का इंसेंटिव 96 हजार रुपये बताया गया। मोबाइल रिचार्ज और यात्रा भत्ता मद के 9,600 रुपये जोड़ने पर कुल बकाया भुगतान 1,29,800 रुपये बताया गया। इसी राशि के भुगतान के बदले 8,600 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया।
शिकायत का सत्यापन, फिर सुबह-सुबह कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। इसके बाद शुक्रवार सुबह टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. कामिनी प्रसाद को कथित तौर पर 8,600 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान डेटा एंट्री ऑपरेटर हिमांशु कुमार की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पटना के अपार्टमेंट में देर रात तक चली तलाशी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने डॉ. कामिनी प्रसाद के पटना स्थित बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी के अपराजिता अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर-31 की तलाशी ली। यहां से नकदी, जेवरात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी दी गई। बैंक खाते में 99.61 लाख रुपये जमा होने का पता चलने के बाद संपत्ति के स्रोत की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे तक तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी थी।फिलहाल निगरानी ब्यूरो बरामद संपत्ति और दस्तावेजों की जांच कर रहा है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि बरामद धनराशि और संपत्तियों का स्रोत क्या है तथा मामले में अन्य किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

