खास महल की जमीन पर जेसीबी पहुंची तो आमने-सामने हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, कई घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
हजारीबाग। हुरहुरू स्थित खास महल की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच शुक्रवार को जमकर बहस हुई। जेसीबी से कार्रवाई शुरू होते ही पूर्व मंत्री मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग करने लगे। इसके बाद करीब चार घंटे तक मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।सदर अंचलाधिकारी सह खास महल पदाधिकारी आशुतोष कुमार पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन के मुताबिक, खास महल की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद कार्रवाई के लिए टीम पहले भी कई बार पहुंच चुकी थी। शुक्रवार को पांचवीं बार अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया।
जेसीबी चली तो मौके पर पहुंचे योगेंद्र साव
प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करते हुए खास महल की जमीन पर बनी पीसीसी सड़क और गौशाला के शेड को हटाना शुरू किया। इसी दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई का आदेश दिखाने की मांग की और कहा कि पहले वरीय अधिकारी के आदेश की प्रति दिखाई जाए।बहस के दौरान योगेंद्र साव ने सीओ को संबोधित करते हुए कहा- “आप मजिस्ट्रेट नहीं हैं, छोटे अफसर हैं। बड़े अफसर के आदेश की प्रति लेकर आइए।” इसी क्रम में उन्होंने कहा- “सीओ साहब, लंगड़ा हिंदी में समझाना पड़ेगा क्या।” पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि वह करीब 34 वर्षों से राजनीति में हैं और कानून को समझते हैं। उन्होंने प्रशासन के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि जमीन सरकारी है।
योगेंद्र साव का दावा था कि जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही है, वह सरकारी जमीन नहीं बल्कि पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने कहा कि जमीन मालिक से उन्हें पावर मिला हुआ है और जमीन का अब तक रिज्यूमेशन नहीं हुआ है।उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें जो भी करना पड़े, वह करेंगे, लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे।
जेसीबी ऑपरेटर से भी कार्रवाई रोकने को कहा
मौके पर बहस केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। पूर्व मंत्री ने जेसीबी ऑपरेटर को भी कार्रवाई रोकने के लिए कहा और जेसीबी लेकर वहां से चले जाने की बात कही। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने अभियान जारी रखा।
प्रशासन के अनुसार, खास महल की जमीन पर करीब 10 फीट लंबी पीसीसी सड़क बनाई गई थी। इसके अलावा एक हिस्से में गौशाला का शेड और घेराबंदी की गई थी। जेसीबी से इन निर्माणों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि अभियान के दौरान सड़क और गौशाला के शेड का आधे से अधिक हिस्सा तोड़ा गया।
सीओ बोले- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं होने देंगे
सदर अंचलाधिकारी सह खास महल पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा कि संबंधित जमीन खास महल की सरकारी भूमि है। अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व में भी कई बार कार्रवाई का प्रयास किया गया था। शुक्रवार को पांचवीं बार टीम मौके पर पहुंची।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी परिस्थिति में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। सरकारी भूमि पर कब्जा या निर्माण की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोबारा कब्जा या निर्माण का प्रयास होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

