अपहरण कर बिहार में छिपाया था तिलक को, पुलिस ने दबोचे दो आरोपी,बाइक-मोबाइल बरामद

 

चतरा। सदर थाना क्षेत्र से अपहृत तिलक यादव को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के गया जिले के नगाई थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से घटना में इस्तेमाल पल्सर बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस अपहरण की पूरी साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, नगवां निवासी सुरेंद्र यादव ने 16 सितंबर को सदर थाना में लिखित आवेदन देकर अपने भाई तिलक यादव के 13 सितंबर को अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण किए जाने की सूचना दी थी। आवेदन के आधार पर सदर थाना कांड संख्या 390/26 दर्ज किया गया।

 

दरअसल, धनपत यादव का पुत्र तिलक यादव 13 सितंबर को रोज की तरह विनय भारती पार्क के पास से अपना ऑटो लेकर निकला था। इसी दौरान डीसी कार्यालय के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने चावल और आटा लेकर राजपुर जाने की बात कहकर उसका ऑटो बुक किया।राजपुर पहुंचने पर उस यात्री ने तिलक को मुख्य सड़क छोड़कर जंगल के रास्ते थोड़ी दूर और चलने को कहा, जिसके बदले एक्स्ट्रा पैसे देने की बात कही गई।जैसे ही ऑटो सुनसान रास्ते पर बढ़ा, तीन बाइक पर सवार होकर छह अपराधी वहां पहुंचे और तिलक की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे जंगल की ओर उठा ले गए।

जंगल के वीरान ठिकाने पर ले जाकर अपराधियों ने तिलक के ही मोबाइल से उसके परिजनों को फोन करवाया और 30 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी. तिलक ने अपनी जान बचाने के लिए गिड़गिड़ाते हुए एक लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन अपराधी बड़ी रकम पर अड़े रहे और परिजनों पर पैसे कोलकाता भिजवाने का दबाव बनाने लगे।दरअसल, अपराधियों ने घटना से पहले तिलक के घर की रेकी की थी। रिहायशी इलाके में घर होने के कारण उन्हें गलतफहमी हो गई थी कि तिलक के पास कई प्लॉट हैं और उसकी हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपये की कमाई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी चतरा के निर्देश पर एसडीपीओ चतरा सन्नी वर्धन के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल बनाया गया। पुलिस टीम ने मानवीय सूचना और तकनीकी शाखा की मदद से अपहृत तिलक यादव का सुराग लगाया। इसके बाद टीम बिहार के धनगाई थाना क्षेत्र पहुंची और उसे सकुशल बरामद कर लिया।इसी दौरान पुलिस ने मामले में कथित रूप से संलिप्त कैलाश दांगी (47) और मनोज कुमार (23) को गिरफ्तार किया।

चूंकि तिलक का कोई पुराना विवाद नहीं था, इसलिए यह पुलिस के लिए पूरी तरह एक ब्लाइंड केस था। तकनीकी सेल की मदद से पुलिस को सबसे पहले बिहार के बाराचट्टी के धनगाईं थाना क्षेत्र के रेवदा इलाके में मोबाइल का लोकेशन मिला। इसके बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में सादे लिबास में चतरा पुलिस की टीम ने बिहार के सीमावर्ती इलाकों में डेरा डाल दिया।

 

पुराना आरोपी है कैलाश, अपहरण समेत कई केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार कैलाश दांगी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ ईटखोरी थाना में अपहरण से संबंधित मामला समेत चौपारण, शेरघाटी और चतरा सदर थाना में गंभीर धाराओं के मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, लूट, आपराधिक षड्यंत्र, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अपहरण से जुड़े मामले दर्ज रहे हैं।वहीं गिरफ्तार मनोज कुमार के संबंध में पुलिस ने बताया कि वह बिहार के गया जिले में अवैध शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है।

बाइक और दो मोबाइल जब्त
पुलिस ने अपहरण की घटना में इस्तेमाल किए गए पल्सर मोटरसाइकिल (JH13K-8511) को जब्त किया है। इसके अलावा रेडमी कंपनी का काला मोबाइल और सैमसंग कंपनी का काला कीपैड मोबाइल भी बरामद किया गया है।पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तिलक यादव के अपहरण के पीछे क्या मकसद था और इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।बता दें कि ऑटो चालक तिलक यादव को 13 सितंबर से अपहरण कर लिया गया था।

विशेष छापामारी दल में एसडीपीओ सन्नी वर्धन, सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव, हंटरगंज अंचल पुलिस निरीक्षक विपिन कुमार, एसआई अनुरंजन कुजुर, सुनील सिंह, ईटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, मयूरहंड थाना प्रभारी राहुल दुबे, एएसआई रविरंजन कुमार समेत तकनीकी शाखा और थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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