Women’s Asia Cup 2026: पाकिस्तान की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्जती.. चैंपियन भारत ने नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार, मंच पर देखते रह गए..

 

डेस्क टीम/नई दिल्ली। एशिया कप के मैदान पर भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया, लेकिन मैच खत्म होते ही मैदान के बाहर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने क्रिकेट जगत में फिर से चर्चा छेड़ दी। भारत ने महिला एशिया कप 2026 का खिताब रिकॉर्ड आठवीं बार अपने नाम किया, लेकिन ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार की रात खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से रौंदकर खिताब अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने 68 और स्मृति मंधाना ने 59 रनों की शानदार पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रनों की तूफानी साझेदारी कर श्रीलंका के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा कर दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई। श्री चरणी ने चार विकेट लेकर श्रीलंका की कमर तोड़ दी, जबकि दीप्ति शर्मा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए। भारत ने 72 रन से मुकाबला जीतकर एशिया कप पर कब्जा कर लिया।

ट्रॉफी के लिए मंच पर इंतजार करते रहे नकवी
मैच खत्म होने के बाद जब पुरस्कार वितरण समारोह शुरू हुआ तो मोहसिन नकवी मंच पर मौजूद थे। उन्होंने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को उपविजेता का चेक भी सौंपा। इसके बाद सबकी नजरें भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर आने पर टिक गईं।लेकिन भारतीय खिलाड़ी ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंचीं। रिपोर्टों के अनुसार टीम ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की और प्रेजेंटेशन समारोह से दूरी बनाए रखी। बताया गया कि भारतीय टीम के खिलाड़ी इस दौरान ड्रेसिंग रूम की ओर लौट गए।नकवी मंच पर मौजूद रहे, लेकिन चैंपियन भारतीय टीम ट्रॉफी लेने नहीं पहुंची। आखिरकार प्रेजेंटेशन समारोह भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपे बिना ही समाप्त हो गया।

पुरुष टीम के बाद महिला टीम ने भी दोहराया फैसला
इस पूरे घटनाक्रम ने 2025 के एशिया कप फाइनल की यादें भी ताजा कर दीं। पिछले साल भारतीय पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को हराकर एशिया कप खिताब जीता था और उस समय भी मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था।अब भारतीय महिला टीम ने भी उसी रुख को दोहराया है। यही वजह है कि इस बार महिला टीम के ट्रॉफी समारोह से दूर रहने को पिछले घटनाक्रम की निरंतरता के तौर पर देखा जा रहा है।

मैदान पर भारत का दबदबा, मंच पर अलग दिखा संदेश
एक तरफ भारतीय महिला टीम ने बल्ले और गेंद दोनों से श्रीलंका को पूरी तरह पछाड़ दिया, वहीं दूसरी तरफ पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी स्वीकार नहीं करने के फैसले ने मुकाबले को क्रिकेट से इतर भी सुर्खियों में ला दिया।भारत ने आठवीं बार महिला एशिया कप जीतकर अपना दबदबा कायम किया। वहीं मोहसिन नकवी के सामने ट्रॉफी लेने से इनकार किए जाने के बाद इस घटनाक्रम की चर्चा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में भी तेज हो गई है।इस तरह भारतीय टीम ने मैदान पर श्रीलंका को हराकर एशिया कप जीता और प्रेजेंटेशन समारोह में नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया।

 

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