बेंगलुरु की एलायंस यूनिवर्सिटी में बी-टेक एडमिशन के नाम पर एसएसबी जवान से 7 लाख की ठगी, नामकुम थाना में केस दर्ज
-एडमिशन कंसल्टेंसी संचालिका कविता कौशिक और कुमार गौरव पर 5 लाख कैश/ऑनलाइन व 2 लाख का चेक ऐंठने का आरोप; छात्रा ने खुद एंट्रेंस पास कर लिया दाखिला, एजेंसी ने नहीं जमा किए पैसे
राँची। राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र में एक सैन्यकर्मी (एसएसबी जवान) से उनकी बेटी का बेंगलुरु की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में बी-टेक में दाखिला कराने के नाम पर 7 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने छात्रा के मूल दस्तावेज रख लिए और एडमिशन व खर्च के नाम पर 5 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए, साथ ही 2 लाख रुपये का चेक सिक्यूरिटी के तौर पर ले लिया। हालांकि, बेंगलुरु जाने पर खुलासा हुआ कि यूनिवर्सिटी में छात्रा का दाखिला उसके खुद के एंट्रेंस एग्जाम व इंटरव्यू पास करने पर हुआ और कंसल्टेंसी वालों ने फीस की कोई राशि जमा ही नहीं की। पीड़ित जवान की शिकायत पर नामकुम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सामाजिक व्हाट्सएप ग्रुप से संपर्क में आई थी महिला
हजारीबाग के बड़कागांव (गोसाई बलिया, कोपसंग) निवासी और वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 26वीं वाहिनी, अनगड़ा में पदस्थापित रमेश कुमार कुशवाहा ने पुलिस को बताया कि वे अपनी बेटी के बी-टेक एडमिशन के लिए जानकारी जुटा रहे थे। 23 जून को कुशवाहा समाज के एक ग्रुप में मैसेज करने पर कविता कौशिक (पति दीपंकर कुमार) ने उनसे संपर्क किया और नामकुम स्थित अपने कार्यालय ‘अद्रिका इंटरप्राइजेज’ (फर्स्ट फ्लोर, माइजैक आईटी पार्क, नामकुम इंडस्ट्रियल एरिया) बुलाया। वहां छात्रा से पूछताछ कर उसके मूल प्रमाण पत्र रख लिए गए और कुमार गौरव नाम के युवक से परिचय कराया गया।
7 लाख में तय हुआ था पूरा पैकेज
आरोपियों ने बेंगलुरु की एलायंस यूनिवर्सिटी में एडमिशन व पूरे खर्च का भरोसा देकर 7 लाख रुपये की मांग की। जवान ने 30 जून और 2 जुलाई को यूपीआई के जरिए 50-50 हजार रुपये दिए। इसके बाद 6 जुलाई को पंजाब नेशनल बैंक स्थित कविता कौशिक के खाते में 4 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस प्रकार कुल 5 लाख रुपये नकद/ऑनलाइन लिए गए और 2 लाख रुपये का चेक (संख्या 487573) सिक्यूरिटी के तौर पर रखवा लिया गया।
बेंगलुरु पहुंचने पर खुला फर्जीवाड़े का खेल
पीड़ित जब 8 व 9 जुलाई को बेटी के दाखिले के लिए बेंगलुरु पहुंचे, तो साथ गए कुमार गौरव ने सिर्फ 25 हजार रुपये ऑनलाइन कॉलेज फीस के नाम पर दिए और शेष 58,200 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने का झांसा देकर वहां से निकल गया। शक होने पर जब जवान ने यूनिवर्सिटी के एकाउंट्स विभाग से संपर्क किया, तो पता चला कि कॉलेज में डीडी की कोई व्यवस्था नहीं है और पूरी फीस पोर्टल पर ऑनलाइन जमा होती है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रा का कुल 25 हजार रुपये ही जमा हुआ है और बाकी पूरी फीस बकाया है, जो 22 जुलाई तक जमा करनी थी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यूनिवर्सिटी में दाखिला केवल एंट्रेंस और इंटरव्यू के जरिए होता है, जिसे छात्रा ने खुद अपनी योग्यता से पास किया था; कंसल्टेंसी का इसमें कोई योगदान नहीं था।
पैसे मांगने पर धमकाने और चेक भुनाने का दबाव बनाने का आरोप
धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब जवान रांची लौटे और आरोपियों से अपने 5 लाख रुपये व 2 लाख का चेक वापस मांगा, तो वे भड़क गए और सिक्यूरिटी में रखे 2 लाख के चेक को भी क्लीयर कराने के लिए दबाव बनाने लगे। पीड़ित ने पुलिस से राशि वापस कराने और आरोपी के खाते पर होल्ड लगवाने की गुहार लगाई।

