गिरिडीह के पचंबा थाना कांड पर गरमाई सियासत: भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के आरोप से भड़के बाबूलाल, बोले- ‘एक-एक लाठी का हिसाब होगा’

 

राँची/गिरिडीह। झारखण्ड के गिरिडीह जिले के पचंबा थाना परिसर में नाबालिग से कथित छेड़खानी की शिकायत को लेकर गुरुवार देर रात हुए हंगामे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। थाना परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठी चलाए जाने के आरोप को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखण्ड सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पचंबा थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बताया गया कि एक नाबालिग लड़की से कथित छेड़खानी की शिकायत को लेकर गुरुवार देर रात कुछ लोग पचंबा थाना पहुंचे थे। शिकायत के समर्थन में भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी थाना पहुंचे। इसी दौरान थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। घटना के बाद कुछ लोगों के शरीर पर चोट के निशान होने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

बाबूलाल ने पुलिस पर लगाया ‘वर्दी की आड़ में मनमानी’ का आरोप

घटना को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट में राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती दिखाने के बजाय पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग कर रही है।मरांडी ने पचंबा थाना प्रभारी को निशाने पर लेते हुए गिरिडीह एसपी से पूरे मामले को गंभीरता से लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्दी की आड़ में पुलिसकर्मियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में चेतावनी दी कि यदि मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो भाजपा सड़क पर उतरकर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं पर बरसाई गई एक-एक लाठी का हिसाब लिया जाएगा।मरांडी के इस बयान के बाद पचंबा थाना परिसर में हुई घटना को लेकर सियासी टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा जहां इसे कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की ज्यादती बता रही है, वहीं पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय बन गया है।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि थाना परिसर में विवाद की स्थिति कैसे बनी और पुलिस को बल प्रयोग की जरूरत क्यों पड़ी। भाजपा की ओर से थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग के बाद अब सबकी नजर गिरिडीह पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर है।
फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। दूसरी ओर, भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज किया जा सकता है।

बता दें एक नाबालिग लड़की से दूसरे समुदाय विशेष के युवक पर छेड़खानी का आरोप लगा है।इसी मामले में नाबालिग को लेकर भाजपा कार्यकर्ता थाना पहुँचे थे।इसी बीच दूसरे पक्ष के लोग भी थाना पहुँच गए और मामला बिगड़ने लगा।थाना प्रभारी पर आरोप है कि एक पक्ष पर बल प्रयोग किया।

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