JSSC-CGL पेपर लीक मामला: रिश्वत देकर प्रश्नपत्र रटने वाला 7वां सफल अभ्यर्थी समीर गिरिडीह से गिरफ्तार

–TDPL के मार्केटिंग मैनेजर की पत्नी-भाई समेत 6 पहले ही जा चुके हैं जेल; CID को मिले पुख्ता साक्ष्य, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ

राँची। झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल (CGL) प्रतियोगिता परीक्षा में अनियमितता और कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र से सफल अभ्यर्थी समीर कुमार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तार होने वाला यह 7वां अभ्यर्थी है। सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 (दर्ज 1 जनवरी 2025) के तहत जांच कर रही टीम को इन सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। जांच में सामने आया है कि इन सफल अभ्यर्थियों ने बिचौलियों और दलालों को मोटी रिश्वत देकर पहले ही लीक प्रश्नपत्र हासिल कर लिया था और उनके उत्तर रटकर परीक्षा पास की थी।

मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी और भाई भी हो चुके हैं गिरफ्तार

समीर कुमार से पहले सीआईडी 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें जेपीएससी परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि अभय तिवारी जेपीएससी और जेएसएससी दोनों परीक्षाओं में गड़बड़ी का मास्टरमाइंड माना जा रहा है और वह जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में पहले से ही गिरफ्तार है।

पूर्व में गिरफ्तार अन्य सफल अभ्यर्थियों का ब्यौरा:

दीपक कुमार: डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट, श्यामली होटल के पास, नवाडीह (धनबाद)।

उमेश कुमार राय: मूल निवासी काकिला डयूल, जगदीशपुर (भोजपुर, बिहार); वर्तमान पता न्यू बीसीसीएल कॉलोनी, दुग्दा (बोकारो)।

विजय कुमार तिवारी: ग्राम रोआम धड़कीड़ो, राजगंज (धनबाद)।

आनंद कुमार सिंह: मूल निवासी चतरा, कोपा (छपरा, बिहार); वर्तमान पता सुदामडीह रिवरसाइड मार्केट (धनबाद)।

सीआईडी के अनुसार, दलालों के नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की पूरी कड़ी को बेनकाब करने के लिए जल्द ही सभी गिरफ्तार अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर आमने-सामने पूछताछ की जाएगी।

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