जिसे हादसा समझकर पुलिस लौट गई थी, उसमें छिपी थी कत्ल की साजिश…प्रेमी संग मिलकर पति को रास्ते से हटाने का आरोप, माँ की शिकायत ने खोला राज…
गढ़वा/रामानुजगंज। एक सड़क हादसा… मौके पर पति की मौत… और पत्नी की ओर से अज्ञात वाहन की टक्कर की कहानी। पहली नजर में मामला एक सामान्य सड़क दुर्घटना जैसा ही दिखाई दे रहा था। लेकिन मृतक की माँ को अपनी बहू की कहानी पर भरोसा नहीं हुआ। माँ ने पुलिस के सामने जो सवाल उठाए, उसने करीब दो महीने तक चली जांच को आखिरकार उस राज तक पहुंचा दिया, जिसके पीछे कथित तौर पर प्रेम, धोखा और हत्या की खौफनाक साजिश छिपी थी।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मृतक की पत्नी मनीषा देवी ने अपने प्रेमी मोहम्मद हसन और उसके सहयोगी मोहम्मद परवेज के साथ मिलकर पति रवि प्रकाश को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज थाना क्षेत्र का है, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी झारखण्ड के गढ़वा जिले में हुई।
किराये का मकान लेने आया था हसन, मकान मालकिन से बढ़ गई नजदीकी
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहम्मद हसन किराये के मकान की तलाश में एक परिवार के घर पहुंचा था। मकान मिलने के बाद उसकी मुलाकात मकान मालकिन मनीषा देवी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और पुलिस के अनुसार यह नजदीकी कथित प्रेम संबंध में बदल गई।इधर, मनीषा अपने पति रवि प्रकाश से अलग होना चाहती थी। बताया जा रहा है कि उसने पति से तलाक लेने की कोशिश भी की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पुलिस के अनुसार मनीषा और हसन ने रवि को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
मायके बुलाया… लेकिन पति को नहीं था खतरे का अंदाजा
साजिश के तहत मनीषा अपने मायके गढ़वा के चिनिया थाना क्षेत्र स्थित बरवाही गांव चली गई। वहां से उसने पति रवि प्रकाश को फोन कर मायके आने के लिए कहा। रवि को लगा कि शायद पत्नी से चल रहा विवाद खत्म हो गया है और परिवार के बीच फिर से बातचीत हो सकती है।लेकिन पुलिस के अनुसार, उसे क्या पता था कि जिस पत्नी के बुलावे पर वह ससुराल जा रहा है, उसी रास्ते में उसके लिए मौत का जाल बिछाया जा चुका था।
फोन पर मिल रही थी लोकेशन, जंगल के पास हुआ ‘हादसा’
पुलिस की जांच के अनुसार, रवि प्रकाश के घर से निकलने के बाद मनीषा लगातार उसके मोबाइल की लोकेशन मोहम्मद हसन को बताती रही। जैसे ही रवि बरवाही गांव के पास जंगल इलाके में पहुंचा, वहां कथित तौर पर मोहम्मद हसन अपने सहयोगी मोहम्मद परवेज के साथ मौजूद था।आरोप है कि दोनों ने रवि की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में रवि प्रकाश की मौत हो गई। इसके बाद घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।
पत्नी ने कहा- अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, माँ ने कहानी पर उठाए सवाल
रवि की मौत के बाद मनीषा ने पुलिस को आवेदन देकर बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से उसके पति की मौत हुई है। मामला सड़क दुर्घटना मानकर आगे बढ़ रहा था, लेकिन मृतक की माँ को बहू की कहानी पर भरोसा नहीं हुआ।मृतक की माँ ने पुलिस के सामने अपनी आशंका जाहिर करते हुए बहू मनीषा के खिलाफ आवेदन दिया और पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की।
यहीं से कहानी ने करवट ली।
मोबाइल की जांच ने खोल दिए राज
पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और मनीषा के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल तथा लोकेशन खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को मनीषा और मोहम्मद हसन के बीच लगातार बातचीत के सबूत मिले।पुलिस के अनुसार, जिस समय रवि प्रकाश हादसे का शिकार हुआ, उसी दौरान मनीषा और हसन के बीच संपर्क और लोकेशन से जुड़े तथ्य सामने आए। इसके बाद पुलिस ने हसन के मोबाइल लोकेशन की जांच की तो उसका लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास पाया गया।इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया।
भंडरिया से दबोचा गया प्रेमी, पूछताछ में सामने आया पूरा घटनाक्रम
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद हसन को गढ़वा जिले के भंडरिया से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान हसन ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने मनीषा देवी और उसके सहयोगी मोहम्मद परवेज को भी गिरफ्तार कर लिया।इस तरह करीब दो महीने से उलझी हुई सड़क दुर्घटना की गुत्थी सुलझ गई और पुलिस के अनुसार हादसे के पीछे हत्या की साजिश सामने आ गई।
माँ को बहू की कहानी पर भरोसा नहीं हुआ, उसी शक ने पहुंचाया सच तक
रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि मामला काफी समय से जांच के दायरे में था। मृतक की मां के आवेदन के बाद पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। एक माँ का शक… पुलिस की तकनीकी जांच… और मोबाइल लोकेशन के सुरागों ने उस ‘सड़क हादसे’ का चेहरा बदल दिया, जिसे अब पुलिस कथित तौर पर सोची-समझी साजिश मानकर जांच रही है।

