JPSC कथित परीक्षा अनियमितता मामले में CID का बड़ा एक्शन, राँची-हजारीबाग के कोचिंग संस्थानों में जांच; दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए

 

राँची। झारखण्ड लोक सेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अब जांच का दायरा कोचिंग संस्थानों तक बढ़ा दिया है। CID थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के क्रम में रविवार को राँची और हजारीबाग में कई ठिकानों पर जांच-पड़ताल की गई। राँची के लालपुर स्थित ‘शिवांगन की पाठशाला’, उसके निदेशक-संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास तथा हजारीबाग के मेधा कोचिंग सेंटर में दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की गई।

CID की ओर से 23 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच टीम ने इन ठिकानों पर उपलब्ध अभिलेखों की पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। हालांकि, एजेंसी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि तलाशी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है और उनमें जांच के लिए क्या महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर क्यों बढ़ा शक?
जांच से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CID को पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों और अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका के संबंध में जानकारी मिली थी। जांच एजेंसी कथित तौर पर इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इन संस्थानों के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए किसी तरह की ‘सेटिंग’ कराई जाती थी या परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था।जांच का एक अहम पहलू OMR शीट में कथित हेराफेरी, डेटा में छेड़छाड़ और अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने से जुड़े आरोप भी हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

संजीत कुमार के आवास तक पहुंची जांच
CID टीम ने लालपुर स्थित ‘शिवांगन की पाठशाला’ की जांच के बाद उसके निदेशक-संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास पर भी दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संस्थान और उससे जुड़े लोगों के संपर्क किन अभ्यर्थियों, एजेंटों या परीक्षा से जुड़े अन्य व्यक्तियों से थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान केस से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं।
हजारीबाग के मेधा कोचिंग सेंटर में भी जांच

राँची के अलावा CID की टीम ने हजारीबाग स्थित मेधा कोचिंग सेंटर में भी जांच-पड़ताल की। वहां मौजूद रिकॉर्ड और दस्तावेजों को खंगाला गया। एजेंसी अब यह मिलान करने की कोशिश कर रही है कि इन संस्थानों से जुड़े दस्तावेजों और पहले से जांच में सामने आए तथ्यों के बीच कोई कनेक्शन है या नहीं।

पहले से चल रही है बड़े नेटवर्क की जांच
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद CID ने जांच का दायरा लगातार बढ़ाया है। मामले में पहले JPSC कार्यालय, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी और कई अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जांच के दौरान आयोग से जुड़े अधिकारियों, परीक्षा संचालन एजेंसी के कर्मचारियों, कथित एजेंटों और अभ्यर्थियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई है।

जांच के दौरान CID ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों की मूल OMR और कार्बन कॉपी का मिलान भी शुरू किया था। रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों से उनकी OMR कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने को कहा गया था, ताकि परीक्षा में कथित हेराफेरी के आरोपों की तकनीकी और दस्तावेजी जांच की जा सके।

दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी, जांच जारी
मामले में दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें JPSC से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े लोग और कथित एजेंट शामिल बताए गए हैं। CID लगातार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।मामले में जांच के दौरान पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी भी हुई है। वहीं, कई अन्य आरोपियों से पूछताछ और रिमांड की कार्रवाई के जरिए CID कथित परीक्षा अनियमितता के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

अब कोचिंग सेंटरों से क्या खुलेगा?
राँची और हजारीबाग के कोचिंग संस्थानों तक जांच पहुंचने के बाद अब यह सवाल अहम हो गया है कि क्या कथित परीक्षा गड़बड़ी का नेटवर्क केवल परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों तक सीमित था या इसके तार कोचिंग संस्थानों, एजेंटों और अभ्यर्थियों के बीच भी जुड़े हुए थे। CID की ताजा कार्रवाई से साफ है कि एजेंसी अब केवल परीक्षा केंद्र या आयोग से जुड़े दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अभ्यर्थियों को कथित रूप से प्रभावित करने, परीक्षा में सेटिंग कराने और OMR/डेटा में संभावित हेराफेरी के पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

फिलहाल CID ने तलाशी में मिले दस्तावेजों और साक्ष्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच आगे बढ़ने के साथ इन दस्तावेजों से जुड़े नए नाम और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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