गवाही से रोकने का दबाव, बदनाम करने की धमकी; गुमला की दुष्कर्म पीड़िता ने DGP से लगाई सुरक्षा की गुहार

गुमला। जिले में वर्ष 2019 के एक दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे न्यायालय में गवाही देने से रोकने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, गवाही देने पर इंटरनेट मीडिया के जरिए बदनाम करने और उसकी ससुराल में जाकर उसके खिलाफ माहौल बनाने की धमकी भी दी जा रही है। मामले को लेकर पीड़िता ने झारखंड के डीजीपी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन भेजकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2019 में जब वह 10वीं कक्षा में पढ़ती थी, तब सिसई प्रखंड के सहिजाना निवासी कार्तिक उरांव पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। इस मामले की न्यायालय में सुनवाई चल रही है और पीड़िता की गवाही की प्रक्रिया भी जारी है।
गवाही नहीं देने का बनाया जा रहा दबाव
पीड़िता ने डीजीपी को भेजे आवेदन में आरोप लगाया है कि मामले का आरोपी उस पर न्यायालय में गवाही नहीं देने के लिए दबाव बना रहा है। उसे चेतावनी दी जा रही है कि यदि उसने अदालत में गवाही दी तो इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उसे बदनाम किया जाएगा। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसकी ससुराल में जाकर भी उसे बदनाम करने की धमकी दी गई है।
पीड़िता ने आवेदन में कहा है कि इस तरह की धमकियों के कारण वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उसे आशंका है कि आरोपित उसके साथ या उसके परिवार के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। इसी वजह से उसने डीजीपी से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि धमकी का आरोप उस समय लगाया गया है, जब न्यायालय में मामले की सुनवाई चल रही है और पीड़िता की गवाही महत्वपूर्ण चरण में है। यदि किसी गवाह या पीड़िता पर दबाव बनाने की कोशिश होती है, तो इसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है। हालांकि, पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़िता ने डीजीपी को स्पीड पोस्ट से आवेदन भेजकर सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ धमकी के आरोपों पर किसी नई प्राथमिकी या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
गुमला में हाल के महीनों में यौन अपराधों से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। अगस्त 2026 में गुमला सिविल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 15 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।वहीं, मई 2026 में गुमला व्यवहार न्यायालय ने दो नाबालिग लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नौ आरोपियों को दोषी करार दिया था। इससे स्पष्ट है कि जिले में यौन अपराधों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।

