हवन के बाद भड़की भीषण आग, मोबिल के स्टॉक ने बढ़ाई तबाही; 5 माह की बच्ची समेत तीन की जिंदा जलकर मौत

–बेटी को बचाने जलते घर में घुसी मां, लेकिन नहीं बच सकी 5 माह की मासूम…
पटना। बख्तियारपुर के पुरानी बाइपास इलाके में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मोबिल की दुकान सह मकान में अचानक लगी भीषण आग में 5 महीने की बच्ची समेत तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक महिला को गंभीर हालत में बचा लिया गया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा मकान आग की लपटों से घिर गया।
मृतकों की पहचान दुकानदार पंकज की मां गीता देवी (50), पत्नी रीमा देवी (30) और उनकी 5 महीने की भांजी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने आग में झुलसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के वक्त पंकज के घर में शिवचर्चा का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान हवन-पूजन भी किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि पूजा के दौरान ही आग लगी। दुकान में मोबिल का कारोबार होता था और मकान के अंदर भी बड़ी मात्रा में मोबिल का स्टॉक रखा हुआ था।ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।आग लगते ही घर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि उस समय चार लोग अंदर फंसे हुए थे। बचाव दल ने किसी तरह एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तीन लोग अंदर ही फंसे रह गए।
बेटी को बचाने जलते घर में फिर घुसी माँ
हादसे के दौरान सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया, जब पंकज की बहन अपनी जान बचाने के लिए छत से कूदकर बाहर निकल आईं। लेकिन उनकी 5 महीने की बेटी घर के अंदर फंस गई थी। बच्ची को बचाने के लिए वह अपनी जान की परवाह किए बिना दोबारा जलते हुए घर के अंदर चली गईं।
बच्ची को बचाने की कोशिश में वह भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं। हालांकि, बचाव दल ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाल लिया और उनकी जान बच गई। लेकिन उनकी मां गीता देवी, भाभी रीमा देवी और मासूम बच्ची आग की चपेट में आकर दम तोड़ चुके थे।
दो घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग
घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कुछ देर बाद बाढ़-2 के एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव भी घटनास्थल पर पहुंचे।फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।
बाढ़-2 एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि घर में पूजा के बाद मोबिल की दुकान में आग लगने की बात सामने आई है। हादसे के समय चार लोग घर के अंदर फंसे थे। बचाव टीम ने एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तीन लोगों की झुलसने से मौत हो गई। दमकल की टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है।एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत और मासूम बच्ची को बचाने के लिए माँ की जान जोखिम में डालने की घटना से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। फिलहाल पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी है।

