कोयला लदे हाइवा ने ली एक ग्रामीण की जान, आक्रोशितों ने सड़क पर उतारकर ठप कराया ट्रांसपोर्टिंग…

हजारीबाग/बड़कागांव। कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की रफ्तार एक बार फिर ग्रामीण के लिए जानलेवा साबित हुई। बड़कागांव थाना क्षेत्र के डाड़ीकलां ओपी अंतर्गत चेपाकलां स्थित एनटीपीसी के त्रिवेणी सैनिक लिमिटेड की बिल्डिंग के समीप शुक्रवार की अहले सुबह करीब 5 बजे कोयला ढोने वाले हाइवा की चपेट में आने से 52 वर्षीय जयपाली महतो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर कोयला परिवहन पूरी तरह रोक दिया।
मृतक जयपाली महतो मंझली डाड़ी निवासी प्यारी महतो के पुत्र थे। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जयपाली महतो शुक्रवार की सुबह अपने नए आवास से कुल्हाड़ी लेकर जंगल की ओर जा रहे थे। बताया गया कि उन्हें बकरी के लिए चारा लाना था। इसी दौरान चेपाकलां के पास तेज गति से आ रहे कोयला परिवहन में लगे हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी जोरदार थी कि जयपाली महतो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से भाग निकला या नहीं, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर जुटने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि जयपाली महतो एनटीपीसी के कोयला खनन प्रोजेक्ट से प्रभावित-विस्थापित परिवार से थे। मंझली डाड़ी स्थित उनका पुराना घर कोल माइंस की वजह से विस्थापित हो गया था। इसके बाद उन्होंने पकरी बरवाडीह में नया आवास बनाया था।ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन के बाद नए स्थान पर जीवन शुरू करने वाले जयपाली की मौत भी उसी कोयला परियोजना से जुड़े परिवहन मार्ग पर हो गई। इस घटना ने ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर एनटीपीसी, त्रिवेणी सैनिक और संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण इस सड़क पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आम लोगों का सड़क पर सुरक्षित चलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजा, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने समेत कई मांगें उठाईं। मांगों को लेकर ग्रामीणों ने ट्रांसपोर्टिंग रोड को जाम कर दिया।
सड़क जाम का सीधा असर कोयला परिवहन पर पड़ा। देखते ही देखते कोयला ढोने वाले दर्जनों हाइवा सड़क पर खड़े हो गए और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप हो गई। इससे कोयला परियोजना से जुड़े परिवहन कार्य पर असर पड़ा।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद डाड़ीकलां ओपी प्रभारी सागेन मुर्मू और बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना में शामिल हाइवा और उसके चालक की पहचान समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर सड़क जाम हटाने का प्रयास भी शुरू किया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांगों के बीच इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
घटना के संबंध में त्रिवेणी सैनिक के एचआर उत्तम झा ने दूरभाष पर बताया कि कोयले की ट्रांसपोर्टिंग त्रिवेणी सैनिक द्वारा नहीं की जाती है, बल्कि किसी दूसरी कंपनी द्वारा परिवहन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि वे मामले की जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना में शामिल हाइवा किस कंपनी का था और वाहन किसके अधीन कोयला परिवहन कर रहा था।

