फिल्मी अंदाज में 40.50 लाख की लूट…आयकर-जीएसटी अफसर बनकर राइस मिल मालिक को अगवा किया

–दर्दमारा बॉर्डर पर बाइक रोकी, स₹स्कॉर्पियो में बैठाकर टाभाघाट में पीटा; बिहार के जंगल में छोड़कर फरार हुए पांच अपराधी
देवघर/जसीडीह। देवघर में शनिवार की सुबह अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बिहार के बांका जिले के चांदन स्थित श्याम राइस मिल के मालिक श्याम सर्राफ उर्फ विक्की को स्कार्पियो सवार पांच अपराधियों ने रास्ते में रोककर अगवा कर लिया और 40.50 लाख रुपये लूट लिये। हैरानी की बात यह रही कि गिरोह के दो सदस्यों ने खुद को आयकर और जीएसटी अधिकारी बताया।
वंदे भारत पकड़ने निकले थे, रास्ते में बन गये शिकार
जानकारी के अनुसार, विक्की शनिवार सुबह करीब नौ बजे राइस मिल से 40.50 लाख रुपये लेकर कोलकाता जाने के लिए निकले थे। उन्हें जसीडीह स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़नी थी। वह एक परिचित के साथ बाइक से जसीडीह की ओर आ रहे थे।
करीब 10 बजे दर्दमारा बॉर्डर के आगे स्कॉरपियो सवार पांच अपराधियों ने उनकी बाइक रोक दी। गाड़ी में चालक समेत पांच लोग सवार थे। इनमें से दो ने खुद को आयकर और जीएसटी अधिकारी बताते हुए विक्की को स्कॉर्पियो में बैठा लिया, जबकि उनके साथ मौजूद परिचित को वापस भेज दिया।
सुनसान जगह ले जाकर मारपीट, फिर 40.50 लाख का बैग छीना
अपराधी विक्की को लेकर टाभाघाट के पास एक सुनसान जगह पहुंचे। वहां उसके साथ मारपीट की गयी और रुपयों से भरा बैग छीन लिया गया। बैग में 40 लाख 50 हजार रुपये रखे थे।
रुपये लूटने के बाद अपराधी विक्की को लेकर बिहार की ओर भाग निकले। चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के चिहराढ़ाड़ी जंगल के पास उसे स्कॉर्पियो से उतार दिया और सभी अपराधी रकम लेकर फरार हो गये।
112 पर कॉल से खुला घटनास्थल का कनेक्शन
अपराधियों के भागने के बाद विक्की ने 112 पर कॉल कर बिहार पुलिस को सूचना दी। चंद्रमंडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पूछताछ के लिए थाने ले गयी। जांच में घटना का घटनास्थल देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। इसके बाद बिहार पुलिस विक्की को लेकर जसीडीह थाना पहुंची।
पुलिस ने शुरू की छानबीन
घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह पुलिस और झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए छानबीन में जुट गयी है। मामले में जसीडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
एक तरफ 40.50 लाख रुपये, दूसरी तरफ फर्जी अफसरों का जाल—इस वारदात ने देवघर से बिहार तक पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं।

