हजारीबाग पुलिस ने फिर एक अपराधी का किया हॉफ एनकाउंटर:गोलीकांड का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, बम और धमकी भरे पर्चे बरामद

हजारीबाग। झारखण्ड के हजारीबाग जिले में बीते दिनों 13 माइल ट्रांसपोर्ट रोड पर दो हाईवा वाहनों पर हुई गोलीबारी के मामले में बड़कागांव पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले में संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद हिरासत में लिए गए पिपराडीह निवासी अंकित कुमार पांडेय को पुलिस ने हथियार और बम बरामदगी के लिए एक बंद पड़े गैस प्लांट में ले जाया था। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसने एक जवान को धक्का देकर बरामद देसी पिस्तौल उठा ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। भागने की कोशिश कर रहे आरोपी पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।घायल आरोपी को पहले बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल, हजारीबाग रेफर कर दिया।
25 जुलाई की रात हाईवा पर हुई थी फायरिंग
मामला 25 जुलाई की रात का है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के 13 माइल ट्रांसपोर्ट रोड पर दो हाईवा वाहनों को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। घटना के बाद बड़कागांव थाना में कांड संख्या 133/26 दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।गोलीबारी के बाद घटनास्थल पर K.S.S. के नाम से धमकी भरे पर्चे मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने संभावित आरोपियों और उनके संपर्कों की पड़ताल शुरू की।
मोबाइल जांच से सामने आया कथित कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को पिपराडीह निवासी अंकित कुमार पांडेय की भूमिका संदिग्ध लगी। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल फोन की जांच में Telegram ऐप के जरिए प्रिंस खान और उसके गिरोह के सदस्यों के साथ कथित बातचीत सामने आई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अंकित ने 13 माइल गोलीकांड में अपनी कथित संलिप्तता स्वीकार की।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि कथित तौर पर प्रिंस खान के निर्देश पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हाईवा पर फायरिंग की और K.S.S. के नाम से धमकी भरे पर्चे छोड़े।
‘हथियार और बम यहीं छिपे हैं’… फिर पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अंकित ने कथित तौर पर बताया कि वारदात में इस्तेमाल हथियार और बम पिपराडीह के पास एक बंद पड़े गैस प्लांट में छिपाए गए हैं।इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर रात में गैस प्लांट पहुंची। पुलिस का कहना है कि वहां बरामदगी की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान अंकित ने अचानक एक पुलिस जवान को धक्का दिया और बरामद देसी पिस्तौल अपने कब्जे में ले ली।पुलिस के मुताबिक, उसने पुलिस टीम की ओर फायरिंग की और मौके से भागने लगा। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली उसके पैर में लगी।गोली लगते ही आरोपी जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस जवानों ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, बरामदगी के दौरान कई अहम सामान मिले हैं। इनमें शामिल हैं—
• एक देसी पिस्तौल
• 7.62 एमएम का एक खोखा
• 7.62 एमएम की एक मिसफायर गोली
• 7.62 एमएम की एक जिंदा गोली
• एक देसी बम
• चार हस्तलिखित धमकी भरे पर्चे
बरामद हथियार, गोली और बम को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल 13 माइल गोलीकांड में हुआ था या नहीं।अंकित की गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़ के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब उसके कथित साथियों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।साथ ही मोबाइल फोन में मिली कथित Telegram चैट की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीकांड के पीछे वास्तव में कौन लोग थे और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गोलीकांड से मुठभेड़ तक पहुंचा मामला
25 जुलाई की रात दो हाईवा पर फायरिंग से शुरू हुई जांच अब पुलिस मुठभेड़ और हथियार-बम की बरामदगी तक पहुंच गई है। इस कार्रवाई ने बड़कागांव इलाके में कथित आपराधिक नेटवर्क की सक्रियता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल पुलिस की नजर उन लोगों पर है, जिनके नाम और संपर्क जांच के दौरान सामने आ रहे हैं। 13 माइल गोलीकांड की पूरी कड़ी जोड़ने और घटना में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की छापेमारी और जांच जारी है।

