राँची:ओरमांझी में सीआईडी कोऑपरेटिव की अरबों की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर, समिति ने पोस्टर लगाकर लोगों को किया अलर्ट

 

राँची।जिले के ओरमांझी प्रखंड के ग्राम आनंदी स्थित सीआईडी कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी सहयोग समिति की करीब 31.46 एकड़ की बहुमूल्य जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। समिति का आरोप है कि कुछ स्थानीय भू-माफिया, दलाल और ‘सिद्धिविनायक’ नामक संस्था के साथ मिलीभगत कर इस जमीन की अवैध तरीके से बिक्री की तैयारी की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही समिति ने मोर्चा संभाल लिया है और आम लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।

पोस्टर लगाकर दी जा रही चेतावनी
समिति के सदस्यों ने ओरमांझी के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर चेतावनी संबंधी पोस्टर लगाए हैं। पोस्टरों के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ग्राम आनंदी स्थित 31.46 एकड़ जमीन बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है और इस भूखंड से जुड़े किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय को समिति ने पूरी तरह अवैध बताया है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी दलाल या संस्था के झांसे में आकर लेन-देन न करें।

अंदरूनी मिलीभगत का आरोप
समिति का दावा है कि इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय दलालों के अलावा समिति के ही एक-दो दागी सदस्य भी शामिल हैं। आरोप है कि अंदरूनी साठगांठ के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर भोले-भाले लोगों को जमीन बेचने की साजिश रची जा रही थी। समिति ने ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

पत्रकार की भूमिका पर भी उठे सवाल
समिति के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि ओरमांझी का एक स्थानीय पत्रकार भी कथित रूप से इस जमीन के सौदे में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सदस्यों का कहना है कि संबंधित पत्रकार कुछ लोगों के साथ मिलकर सिद्धिविनायक बिल्डर के माध्यम से जमीन की बिक्री कराने का प्रयास कर रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पहले से दर्ज है मामला
समिति के सदस्यों ने बताया कि इस जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। इस संबंध में डोरंडा थाना कांड संख्या-177/2020 दर्ज है और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। इसी वजह से समिति ने दोबारा लोगों को सतर्क करने के लिए पुलिसकर्मियों और सदस्यों के सहयोग से ओरमांझी प्रखंड कार्यालय और आसपास के इलाकों में चेतावनी वाले पोस्टर लगाए हैं।

खरीद-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई
समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यह जमीन समिति की सामूहिक संपत्ति है और इसे बेचने का अधिकार किसी दलाल, बाहरी संस्था या कुछ चुनिंदा सदस्यों को नहीं है। यदि कोई व्यक्ति किसी के बहकावे में आकर इस जमीन की खरीद-बिक्री करता है, तो उसके नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं उसकी होगी। समिति ने चेतावनी दी है कि फर्जी तरीके से जमीन बेचने या खरीदने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनता से अपील
समिति ने आम लोगों से अपील की है कि ग्राम आनंदी स्थित इस 31.46 एकड़ जमीन से जुड़े किसी भी प्रलोभन में न आएं। किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और कानूनी स्थिति की पूरी जांच करें, ताकि भू-माफियाओं और जालसाजों के जाल में फंसने से बचा जा सके।

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