गवाही रोकने के लिए बिछाया मौत का जाल: LLB छात्रा दिव्या पासवान हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा ,एक गिरफ्तार,मुख्य आरोपी फरार

चतरा।झारखण्ड के चतरा जिले की पुलिस ने बिहार के गयाजी जिले की रहने वाली एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान की निर्मम हत्या के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। दिव्या कुमारी का शव बीते 26 जून को चतरा जिला अंतर्गत हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो में स्थित एक बंद पड़े पत्थर खदान से क्षत-विक्षत स्थिति में बरामद हुआ था। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है।
पुलिस जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका दिव्या कुमारी पासवान और मुख्य आरोपी राहुल यादव के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस दौरान राहुल यादव द्वारा शादी का झांसा देकर दिव्या का लगातार शारीरिक शोषण किया गया। जब राहुल अपने वादे से मुकर गया, तो दिव्या ने बिहार के शेरघाटी थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में राहुल यादव को जेल भी जाना पड़ा था।जेल से बाहर आने के बाद से ही राहुल यादव लगातार दिव्या पर केस वापस लेने और गवाही न देने का दबाव बना रहा था। विशेष बात यह है कि अगले सप्ताह ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विशेष न्यायालय में राहुल के खिलाफ दिव्या की बेहद महत्वपूर्ण गवाही होनी थी। इस अहम गवाही को रोकने और खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए राहुल ने एक सोची-समझी साजिश के तहत 24 जून को दिव्या को धोखे से बुलाया और उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को चतरा के हंटरगंज स्थित सुनसान पत्थर खदान में फेंक दिया।
एसडीपीओ ने बताया कि राहुल ने नेपाली गंझू को दो लाख रुपये की सुपारी देकर दिव्या की हत्या कराने की योजना बनाई।योजना के तहत दोनों ने मिलकर दिव्या की गला दबाकर हत्या कर दी।

मुख्य आरोपी राहुल और मृतका दिव्या का फाइल फोटो
इधर,इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाने में एसडीपीओ सनी वर्धन के नेतृत्व में पुलिस टीम को एक वायरल ऑडियो से बड़ी मदद मिली। इस वायरल ऑडियो में मुख्य आरोपी राहुल यादव द्वारा दिव्या कुमारी पर लगातार केस उठाने और कोर्ट में गवाही न देने का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा था। इस तकनीकी साक्ष्य और त्वरित वैज्ञानिक अनुसंधान के बल पर पुलिस ने हत्याकांड की कड़ियों को आपस में जोड़ा।
चतरा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश में संलिप्त एक अन्य शातिर अपराधी नेपाली गंझू को बिहार के गया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधी नेपाली गंझू के पास से पुलिस ने मृतका दिव्या कुमारी पासवान का ‘वन-प्लस’ मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि बरामद की है, जिससे हत्या की वारदात में उसकी सीधी संलिप्तता प्रमाणित होती है।
हालांकि, घटना का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी राहुल यादव अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चतरा पुलिस और बिहार पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मुख्य आरोपी राहुल यादव को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर गवाहों की सुरक्षा और महिला सुरक्षा के प्रति कानूनी चुनौतियों को रेखांकित किया है।

