खेत में दौड़ाकर दबोचा गया 20 लाख का मोस्ट वांटेड माओवादी रविंद्र गंझू…पत्नी ने बयां की ‘फिल्मी अरेस्ट’ की पूरी इनसाइड स्टोरी…

​लातेहार। झारखण्ड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को नक्सल मोर्चे पर एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त और खुफिया ऑपरेशन चलाकर 20 लाख रुपये के इनामी व प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर रविंद्र गंझू को धर दबोचा है।इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि खुद रविंद्र गंझू की पत्नी ललिता देवी ने मीडिया के सामने आकर की है। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से अभी तक इस मामले पर विस्तृत और आधिकारिक बयान आना बाकी है।

नक्सली रविंद्र गंझु

फिल्मी अंदाज में घेराबंदी, खेत से दबोचा गया खूंखार नक्सली

​मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को रविंद्र गंझू के अपने घर आने की सटीक और पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही लातेहार पुलिस और सीआरपीएफ ने बिना वक्त गंवाए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। सुरक्षाबलों ने रविंद्र गंझू के घर को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को चारों तरफ से घिरा देख जब वह भागने की कोशिश करने लगा, तभी जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पास के एक खेत में फिल्मी अंदाज में दौड़ाकर दबोच लिया।

पत्नी ललिता देवी

सुबह पौने सात बजे सिविल ड्रेस में आई थी फोर्स- पत्नी ललिता देवी

​रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी ललिता देवी का एक बड़ा बयान सामने आया है। मीडिया से बात करते हुए ललिता देवी ने बताया है। यह कार्रवाई सोमवार सुबह करीब पौने सात बजे (6:45 AM) हुई। उसने बताया कि रविंद्र गंझू पिछले कुछ समय से घर पर ही रह रहे थे। वे सुबह घर के पास मकई (मक्का) लगाने और मवेशियों को कुट्टी देने के दरमयान बाहर थे, तभी अचानक सुरक्षाबल वहां पहुंच गए।ललिता देवी ने दावा किया कि पुलिस और सुरक्षा बल के जवान सिविल कपड़ों में थे और करीब 4 बोलेरो गाड़ियों से आए थे। जवानों को देखते ही रविंद्र गंझू भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर नया घर की तरफ से हिरासत में ले लिया।

पत्नी ने रोते हुए की अपील: “एनकाउंटर न करे पुलिस, सही सलामत रहें मेरे सुहाग”

भावुक होते हुए ललिता देवी ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है। उसने कहा कि मैंने उन्हें कई बार आत्मसमर्पण करने को कहा था, लेकिन वे प्रशासन के डर से नहीं कर पाए। उनके चक्कर में मैं खुद 4 बार जेल जा चुकी हूँ। हमारे 5 बच्चे हैं। अब पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है, वे जेल में रहेंगे, कानून अपना काम करे। लेकिन मेरी पुलिस से यही अपील है कि उनका एनकाउंटर न किया जाए, उन्हें मार-पिट न किया जाए। वे सही-सलामत रहें, ताकि उनके सहारे हम जी सकें। किसी भी महिला का सुहाग नहीं उजड़ना चाहिए।

क्यों खास है रविंद्र गंझू?​

रविंद्र गंझू लंबे समय से झारखण्ड पुलिस, एनआईए (NIA) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था।​उसके पर झारखण्ड सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से 20 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित है।उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा और आसपास के जिलों में हत्या, लेवी (रंगदारी), आगजनी और पुलिस पर हमले के दर्जनों कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस फिलहाल उसे किसी गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद रविंद्र गंझू की निशानदेही पर कई बड़े खुलासे होने और हथियारों की बरामदगी होने की पूरी संभावना है।

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