खाकी पर सबसे बड़ा दाग ! JSSC में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगता था हवलदार, ग्रामीणों ने बिछाया जाल तो खुला काला खेल

सरायकेला।झारखण्ड में सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वाला एक ऐसा चेहरा बेनकाब हुआ है, जिसने पुलिस महकमे को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। JSSC की परीक्षाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला कोई बाहरी जालसाज नहीं, बल्कि झारखण्ड पुलिस का ही एक हवलदार निकला। आरोपी की पहचान सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के मुताबिक आरोपी सरायकेला-खरसावां के ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का सुनहरा सपना दिखाता था। वह दावा करता था कि उसकी पहुंच इतनी मजबूत है कि JSSC की परीक्षाओं में पास कराकर सरकारी नौकरी दिला सकता है। इसके बदले वह युवाओं से मोटी रकम की मांग करता था।

लेकिन इस बार उसकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चली। लगातार मिल रही शिकायतों और उसके दावों पर शक होने के बाद ग्रामीणों ने खुद जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी एक भोले भाले युवक से 10 लाख रुपये  की बात करने पहुंचा, लोगों ने उसे घेर लिया और पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने हर किसी को चौंका दिया। हिरासत में लिया गया व्यक्ति सुशील कुमार निकला, जो झारखण्ड पुलिस के इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) में हवलदार के पद पर तैनात है। एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी का सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी में सामने आना पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने बेरोजगार युवाओं को अपने झांसे में लिया, कितने लोगों से रुपये वसूले और क्या इस पूरे खेल में कोई बड़ा नेटवर्क भी शामिल है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल, बैंक लेन-देन और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी नौकरी की चाह में युवाओं को ठगने वाले गिरोह आखिर कितने सक्रिय हैं और क्या इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने बाकी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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