दलाल के चंगुल से छूटीं पाकुड़ की चार नाबालिग लड़कियां, महाराष्ट्र पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सौंपा

​पाकुड।झारखण्ड के पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र की चार नाबालिग लड़कियों को महाराष्ट्र पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गुरुवार को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया है। इन लड़कियों को काम दिलाने के बहाने एक दलाल द्वारा बरगला कर घर से दूर ले जाया गया था, जिसके बाद वे भटकते हुए मुंबई पहुंच गई थीं।

​बाल कल्याण समिति के समक्ष नाबालिग लड़कियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि लगभग तीन महीने पहले गांव के ही एक दलाल ने उन्हें काम दिलाने का झांसा दिया था। वह दलाल उन्हें बहला-फुसलाकर सबसे पहले बस से दुमका ले गया। इसके बाद उन्हें दुमका से जसीडीह स्टेशन ले जाया गया, जहां से उन्हें अंबाला जाने वाली ट्रेन में बैठाकर अंबाला स्टेशन पहुंचा दिया गया। वहां पहुंचने पर उन्हें एक तय कार्यस्थल पर काम पर लगा दिया गया।

​अंबाला में 10 दिन तक काम करने के बाद बच्चियों को घर की याद सताने लगी, जिसके चलते वे घर वापस आने के लिए वहां से भाग निकलीं। हालांकि, अंबाला रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद उनसे एक बड़ी चूक हो गई। पाकुड़ आने वाली ट्रेन पकड़ने के बजाय, उन्होंने गलती से दूसरी ट्रेन पकड़ ली और भटक कर सीधे मुंबई पहुंच गईं।

​मुंबई पहुंचने पर स्थानीय पुलिस की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया। मुंबई पुलिस ने इन लड़कियों के पते और अन्य जानकारियों का लगभग तीन महीने तक सत्यापन किया। पूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद, मुंबई पुलिस की टीम गुरुवार को इन लड़कियों को लेकर वापस पाकुड़ पहुंची और उन्हें बाल कल्याण समिति को सौंप दिया।

​इस मामले पर सीडब्ल्यूसी (CWC) के सदस्य सलमा जहां, विनोद प्रमाणिक और रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि लड़कियों के अभिभावकों को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी गई है। फिलहाल लड़कियों की काउंसलिंग की जा रही है। अभिभावकों के समिति के समक्ष पहुंचने के बाद बच्चियों को सुरक्षित उन्हें सौंप दिया जाएगा।

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