राँची में ‘जन शिकायत समाधान’ कार्यक्रम बना भरोसे का मंच, सैकड़ों मामलों का मौके पर निपटारा; जमीन और पारिवारिक विवाद सबसे अधिक

 

राँची।आम लोगों को त्वरित न्याय, पुलिस तक आसान पहुंच और थाना स्तर पर लंबित विवादों के शीघ्र समाधान के उद्देश्य से झारखण्ड सरकार के निर्देश पर प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाला जन शिकायत समाधान कार्यक्रम राँची जिले में भी असरदार साबित हो रहा है। बुधवार को जिले के सभी शहरी और ग्रामीण थानों में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान सैकड़ों लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि गंभीर मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। 

इस दौरान राँची के एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया और संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना और उन्हें भयमुक्त माहौल में अपनी बात रखने का अवसर देना है।
जमीन और पारिवारिक विवाद के सबसे ज्यादा मामले
जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें जमीन विवाद और पारिवारिक मामलों से जुड़ी रहीं। इसके अलावा आर्थिक अपराध, साइबर ठगी, ट्रैफिक संबंधी शिकायतें, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और अन्य सामाजिक विवादों के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए। कई मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझौता कराया गया, जबकि कानूनी कार्रवाई योग्य मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई।

लालपुर थाना में एसएसपी ने खुद सुनी लोगों की फरियाद:
राजधानी के लालपुर थाना में एसएसपी राकेश रंजन ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं। शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया। जिन मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी, वे संतुष्ट होकर अपने घर लौटे।इस दौरान एसएसपी ने कहा कि जनता की समस्या का समय पर समाधान ही पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और लोगों के चेहरे पर दिखने वाली संतुष्टि पुलिस के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।लालपुर थाना में आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी के.वी. रमन और थाना प्रभारी रुपेश कुमार भी मौजूद रहे और शिकायतों के त्वरित निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभाई।

कोतवाली थाना में सिटी एसपी पारस राणा ने खुद मोर्चा संभाला। यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। थाना परिसर में विशेष व्यवस्था करते हुए कुर्सी-टेबल लगाकर फरियादियों की एक-एक कर शिकायत सुनी गई।सिटी एसपी ने हर शिकायतकर्ता की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव था, उनका तत्काल निपटारा किया गया। वहीं जिन मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए संबंधित पदाधिकारियों को सौंप दिया गया।कोतवाली थाना में महिला संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए महिला थाना प्रभारी भी मौजूद रहीं, ताकि महिला फरियादियों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जा सके।

शहर से गांव तक हर थाना बना शिकायत निवारण केंद्र
जन शिकायत समाधान कार्यक्रम केवल शहर तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के जगन्नाथपुर, धुर्वा, डोरंडा, चुटिया, सुखदेवनगर, बरियातू, अरगोड़ा समेत सभी शहरी थानों के साथ-साथ जिले के सभी ग्रामीण थानों में भी यह अभियान चलाया गया। हर थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान का प्रयास किया।

पुलिस और जनता के बीच बढ़ रहा भरोसा
राँची पुलिस का मानना है कि जन शिकायत समाधान कार्यक्रम केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। अधिकारियों का कहना है कि जब लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान थाना स्तर पर ही समय पर हो जाता है, तो अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होती है, विवाद बढ़ने से रुकते हैं और कानून-व्यवस्था भी मजबूत होती है।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी भय या संकोच के प्रत्येक बुधवार अपने नजदीकी थाना पहुंचकर अपनी समस्याएं रखें। हर शिकायत को गंभीरता से सुनना और नियमानुसार उसका समाधान करना पुलिस की प्राथमिकता है।

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