खूनी इश्क, बेवफा पत्नी और लाश के टुकड़े: राँची में ‘मर्डर’ की ऐसी खौफनाक दास्तान, जिसे सुन कांप जाएगी रूह..

 

​राँची।प्यार में अंधी एक पत्नी, उसका शातिर प्रेमी और एक ऐसा खौफनाक अंत जिसने देश की सबसे वीभत्स मर्डर मिस्ट्रीज को भी पीछे छोड़ दिया।झारखण्ड की राजधानी राँची के बुण्डू इलाके में हुए एक कत्ल की जो इनसाइड स्टोरी सामने आई है, उसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। एक पत्नी ने अपने अवैध संबंधों के रास्ते से पति को हटाने के लिए न सिर्फ उसकी सुपारी दी, बल्कि बेरहमी से कत्ल करवाकर उसका सिर धड़ से अलग करवा दिया और पहचान मिटाने के लिए लाश को आग के हवाले कर दिया।

जंगल में मिली थी बिना सिर की अधजली लाश, कलाई के ‘गोदने’ से खुला राज

​इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत 19 जून 2026 को हुई, जब बुण्डू थाना क्षेत्र के सुमानडीह (महादेवटांड़) के घने जंगलों में एक अज्ञात पुरुष की बिना सिर वाली, अधजली लाश मिलने से हड़कंप मच गया। कातिलों ने सबूत मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन कुदरत को इंसाफ मंजूर था। मृतक के दाहिने हाथ की कलाई पर एक टैटू (गोदना) गोदा हुआ था, जिस पर लिखा था— “Sanjoy Raj @ Pal” बस, यही एक सुराग पुलिस के लिए इस खूनी खेल की गुत्थी सुलझाने का जरिया बना।

​SIT का गठन और कत्ल का ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार

​राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर ग्रामीण एसपी और अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी बुण्डू के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम  का गठन किया गया। साइंटिफिक इनवेस्टिगेशन, टेक्निकल सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के जाल में जब कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। इस पूरी खूनी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक की अपनी पत्नी सुबोधनी देवी और उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

​2 साल का अवैध इश्क और ‘सुपारी’ वाली मौत

​पुलिसिया पूछताछ में जो सच बाहर आया, वह समाज को झकझोर देने वाला है। सुबोधनी देवी और तमाड़ के रमन कुमार सेठ के बीच पिछले 2 साल से अवैध प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात की भनक सुबोधनी के पति संजय लोहरा (27 वर्ष) को लग चुकी थी। घर में आए दिन विवाद होने लगा। बस, इसी बात से चिढ़कर बेवफा पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर पति को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का ‘डेथ प्लान’ तैयार किया और अपने साथियों को भारी-भरकम सुपारी दे दी।

​शौच का बहाना… और फिर लाठियों से थाम दीं सांसें

​18 जून 2026 की वो काली रात, जब सुबोधनी ने अपने पति संजय को एक शादी समारोह में चलने का बहाना बनाया और बुण्डू ताऊ बुलाया। दोनों बाइक से सोनाहातु के लिए निकले। रास्ते में सोनाहातु थाना क्षेत्र के आड़िया सतिया नदी के किनारे पहुंचकर सुबोधनी ने शौच जाने का बहाना कर बाइक रुकवाई और खुद नदी की तरफ चली गई।वह जैसे ही हटी, अंधेरे का फायदा उठाकर वहां पहले से ऑल्टो कार में घात लगाए बैठे उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ और उसके दो शूटर/साथी लाठी-डंडे लेकर संजय पर टूट पड़े। चीखते हुए संजय को तब तक बेरहमी से पीटा गया, जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई।

चापड़ से काटा सिर, धड़ को पेट्रोल से फूंका

​कत्ल करने के बाद हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। कातिल लाश को ऑल्टो कार में लादकर बुण्डू के महादेवटांड़ जंगल ले गए। वहां उन्होंने चापड़ (भारी धारदार हथियार) से संजय का सिर धड़ से अलग कर दिया। पहचान छिपाने के लिए धड़ पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। वहीं, कटे हुए सिर को तमाड़ थाना क्षेत्र के रानी वन जंगल में जमीन के अंदर गहरा दफन कर दिया। मृतक की बाइक को गुमराह करने के लिए बबईकुढ़ी के पास लावारिस छोड़ दिया गया।

​दंडाधिकारी की मौजूदगी में निकाला गया सिर

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मैजिस्ट्रेट और FSL (फॉरेंसिक) टीम की मौजूदगी में रानी वन जंगल की खुदाई करवाकर मृतक संजय का कटा हुआ सिर जमीन से बाहर निकाला।

​पुलिस की छापेमारी टीम ने कातिलों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए सारे सबूत और सामान जब्त कर लिए हैं:
​मृतक संजय लोहरा का कटा हुआ सिर
​कत्ल में इस्तेमाल खूनी हथियार (चापड़)
​लाश ढोने में प्रयुक्त ऑल्टो कार
​मृतक की मोटरसाइकिल
2 मोबाइल फोन

​इस खौफनाक और पेचीदा हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम में SDPO बुण्डू ओम प्रकाश, थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो, पु०अ०नि० रंजीत कुमार महतो, रूपलाल प्रसाद, और तकनीकी शाखा के बलेंद्र कुमार, बिरेन्द्र सिंह एवं रोहित सिंह मुण्डा समेत बुण्डू थाना का सशस्त्र बल शामिल था। पुलिस अब इस कांड के अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, ताकि उन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सके।

 

 

error: Content is protected !!